RSS Headquarters: महाराष्ट्र की उप-राजधानी नागपुर में मंगलवार (7 अप्रैल) की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इस घटना के बाद पूरे शहर में हाई अलर्ट (High Alert) घोषित कर दिया गया है। संवेदनशील इलाका होने के कारण मौके पर भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें तैनात कर दी गई हैं। पुलिस इस मामले की आतंकी साजिश और आपराधिक साजिश समेत सभी एंगल से जांच कर रही है।
दोसर भवन चौक पर बैग में मिला बारूद का जखीरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागपुर के व्यस्त सीए रोड स्थित दोसर भवन चौक इलाके में एक लावारिस बैग मिलने से अफरा-तफरी मच गई। यह बैग मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक घर के छोटे बगीचे में रखा हुआ था। जब घर के मालिक ने बैग की जांच की, तो उसमें घातक 15 जिलेटिन स्टिक, 50 डेटोनेटर और 8 कनेक्टर पाए गए। इतनी बड़ी मात्रा में ‘एक्सप्लोसिव’ (Explosive) मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, जिस स्थान पर यह विस्फोटक सामग्री मिली है, वह सामरिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। घटनास्थल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर जामा मस्जिद, 500 मीटर पर ऐतिहासिक पोद्दारेश्वर राम मंदिर और लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर के दायरे में आरएसएस (RSS) का केंद्रीय मुख्यालय स्थित है। इन महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की निकटता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन विस्फोटकों का इस्तेमाल किसी बड़े हमले या सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए किया जाना था।
विस्फोटक कंपनी हादसे से कनेक्शन की आशंका
नागपुर के सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने बताया कि शुरुआती जांच में इन विस्फोटकों के पुराने होने की आशंका है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह सामान पिछले एक से डेढ़ महीने से वहीं पड़ा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन विस्फोटकों का तार हाल ही में काटोल क्षेत्र में हुए विस्फोटक कंपनी हादसे से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) अभी साक्ष्यों का मिलान कर रही है और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बैग रखने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके।










