परीक्षा से पहले ही परीक्षा खत्म! पूर्णिया यूनिवर्सिटी की लापरवाही से हंगामा

पूर्णिया बिहार का पूर्णिया विश्वविद्यालय हाल में ही एक शोध छात्रा के साथ एक विभागाध्यक्ष की तस्वीर और वीडियो वायरल होने के बाद अब स्नातक प्रथम खण्ड की परीक्षा को लेकर सुर्खियों में है. पूर्णियां विश्वविद्यालय इस मामले में देश का संभवतः पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां एक परीक्षा के लिए तीन अलग अलग एडमिट-कार्ड जारी किए गए हैं और उससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही परीक्षा हो गई. परीक्षा से वंचित हजारों छात्र-छात्रों का परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश देखने को मिला है. हालांकि, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक

Wrriten By :

Editor

Published On :

अप्रैल 12, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

पूर्णिया

बिहार का पूर्णिया विश्वविद्यालय हाल में ही एक शोध छात्रा के साथ एक विभागाध्यक्ष की तस्वीर और वीडियो वायरल होने के बाद अब स्नातक प्रथम खण्ड की परीक्षा को लेकर सुर्खियों में है. पूर्णियां विश्वविद्यालय इस मामले में देश का संभवतः पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां एक परीक्षा के लिए तीन अलग अलग एडमिट-कार्ड जारी किए गए हैं और उससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही परीक्षा हो गई. परीक्षा से वंचित हजारों छात्र-छात्रों का परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश देखने को मिला है. हालांकि, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक इस लापरवाही का पूरा ठीकरा समर्थ पोर्टल पर फोड़ रहे हैं.

एक ही परीक्षा का तीन-तीन कार्ड
दरअसल, पूर्णिया विश्वविद्यालय स्नातक में प्रथम वर्ष की परीक्षा 30 मार्च से शुरू हुई है. जो 15 अप्रैल तक चलेगी. इसी बीच एक हैरानी की बात सामने आई कि परीक्षा शुरू होने से पहले तकनीकी त्रुटियों की वजह से दो बार परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड जारी किया गया. दूसरी बार वाले एडमिट कार्ड से 30 मार्च और 04 अप्रैल को परीक्षा भी सम्पन्न हुई. इसके बाद फिर विश्वविद्यालय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए तीसरा एडमिट कार्ड जारी किया और परीक्षा तिथि में भी परिवर्तन किया. इस एडमिट कार्ड के अनुसार, 08 अप्रैल और 10 अप्रैल को होने वाली परीक्षा को विस्तारित करते हुए क्रमशः 09 और 11 अप्रैल कर दिया गया.

11 अप्रैल की सुबह की पाली की परीक्षा देने जब सैकड़ों परीक्षार्थी जिला मुख्यालय स्थित आर केके कॉलेज केंद्र पहुंचे तो उन्हें परीक्षा केंद्र में यह कहकर प्रवेश करने से रोक दिया कि इन विषयों की परीक्षा 10 अप्रैल को ही पूरी हो चुकी है. इसके बाद सैकड़ों परीक्षार्थी आक्रोशित हो गए और उन्होंने सहरसा-पूर्णिया मार्ग को जामकर नारेबाजी किया. परीक्षार्थी इमराना खातून ने बताया कि 08 तारीख से आ रहे हैं, फर्स्ट सिटींग में परीक्षा थी, कैंसल हो गया. फिर बोला कि 09 तारीख को होगा, वह भी कैंसल हो गया. फिर 11 तारीख बताया गया, लेकिन आज भी नही हो रहा है. हमलोगों को धक्का मारकर बाहर कर दिया गया.

समर्थ पोर्टल की गड़बड़ी से हुई छात्रों को परेशानी
परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह ने बताया कि समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार फॉर्म भराया गया. तकनीकी त्रुटियों की वजह से बच्चों को परेशानी हुई. उनकी परेशानियों को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. छुटे हुए बच्चों की परीक्षा फिर से ली जाएगी. आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है. परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह कहते हैं कि भारत सरकार के समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार परीक्षा फॉर्म भराया गया है और तकनीकी त्रुटि के कारण विश्वविद्यालय के बच्चों को परेशानी हुई है. उनकी परेशानी को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. परीक्षार्थियों को कोई असुविधा नही हो, इसलिए उक्त विषय की परीक्षा फिर से ली जाएगी और आगे की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल ने बताया है कि जो त्रुटि है, उसको दूर कर लिया गया है.

छात्र नेता पीयूष पुजारा विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि ऐसा लगता है कि परीक्षा विभाग और विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है और बार-बार एडमिट कार्ड निकलना पड़ता है. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेवारी परीक्षा विभाग लेती है और आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है.इसका मतलब तो यह हुआ कि परीक्षा विभाग और पूर्णियां विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है और उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है ,बार-बार एडमिट कार्ड बदलना पड़ता है.

 

Leave a Comment

2