हर अधिकारी एक आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर बनाए विकास का आदर्श मॉडल : आयुक्त संदीप जी.आर.

आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता मैदानी अमले की समस्याओं का होगा व्यावहारिक समाधान, विभागीय कार्यप्रणाली में डिजिटलीकरण को मिलेगा बढ़ावा भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने कहा है कि आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण एवं शाला पूर्व शिक्षा के केंद्रों तक सीमित न रखते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए विभाग का प्रत्येक अधिकारी अपने नियमित शासकीय दायित्वों के अतिरिक्त कम से कम एक आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर उसके समग्र उन्नयन की व्यक्तिगत

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Published On :

नवम्बर 5, 2026

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आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

मैदानी अमले की समस्याओं का होगा व्यावहारिक समाधान, विभागीय कार्यप्रणाली में डिजिटलीकरण को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने कहा है कि आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण एवं शाला पूर्व शिक्षा के केंद्रों तक सीमित न रखते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए विभाग का प्रत्येक अधिकारी अपने नियमित शासकीय दायित्वों के अतिरिक्त कम से कम एक आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर उसके समग्र उन्नयन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने कहा कि केंद्रों में स्वच्छता, सुरक्षित एवं बाल अनुकूल वातावरण, बेहतर अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा और उपलब्ध सुविधाओं में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

आयुक्त श्री संदीप जी.आर. गुरुवार को इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय योजनाओं और सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रशासनिक निगरानी के साथ अधिकारियों की व्यक्तिगत सहभागिता भी आवश्यक है। प्रत्येक अधिकारी अपने चयनित केंद्र को सभी दृष्टियों से आदर्श बनाने का प्रयास करे, जिससे अन्य केंद्रों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिले।

आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिन स्थानों पर शासकीय भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां केंद्रों के संचालन के लिए उपयुक्त एवं बेहतर किराए के भवनों का चयन किया जाए। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों से शिक्षा प्राप्त कर चुके युवाओं को भी इन केंद्रों के विकास से जोड़ने की पहल करने को कहा। उन्होंने कहा कि पूर्व में इन केंद्रों से जुड़े युवा भविष्य में इनके उन्नयन में महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकते हैं।

मैदानी अमले से सीधा संवाद, तकनीकी समस्याओं के समाधान पर जोर
बैठक में आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने विभागीय अधिकारियों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने कुपोषित बच्चों की देखभाल, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं तथा केंद्रों के नियमित संचालन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली। कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रैकर और संपर्क ऐप में जानकारियों की दोहरी प्रविष्टि तथा फेस रिकग्निशन सिस्टम में अधिक समय लगने जैसी समस्याओं से अवगत कराया। आयुक्त ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इनके व्यावहारिक समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने परियोजना एवं अन्य विभागीय कार्यालयों में कागज का उपयोग न्यूनतम करने तथा अभिलेखों और कार्यालयीन प्रक्रियाओं को डिजिटल स्वरूप देने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना अधिकारियों ने विभागीय नवाचारों ‘आरंभ’ और ‘समस्या समाधान शिविर’ को मैदानी समस्याओं के निराकरण की दिशा में उपयोगी बताते हुए आयुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया।

बाल संरक्षण संस्थाओं के बच्चों की प्रतिभा को सराहा
बैठक के बाद आयुक्त श्री संदीप जी.आर. ने इंदौर कलेक्ट्रेट परिसर में बाल संरक्षण संस्थाओं के बच्चों द्वारा तैयार दीपावली की साज-सज्जा सामग्री एवं कलात्मक दीपों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और स्वयं कलात्मक दीपों एवं साज-सज्जा सामग्री की खरीदारी भी की।

 

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