EU US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों ने ट्रांसअटलांटिक व्यापारिक रिश्तों में दरार डाल दी है। यूरोपीय संघ (EU) के सांसदों ने अब अमेरिका के साथ प्रस्तावित बड़े व्यापार समझौते को मंजूरी देने से रोकने की तैयारी कर ली है। यह कड़ा फैसला ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के मुद्दे पर यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। यूरोपीय संसद के इस रुख से न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक संबंधों में भी तनाव चरम पर पहुंच गया है।
यूरोपियन पीपुल्स पार्टी का कड़ा रुख: धमकियों के बीच मंजूरी संभव नहीं
यूरोपीय संसद के सबसे प्रभावशाली समूह, ‘यूरोपियन पीपुल्स पार्टी’ (EPP) के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने इस मुद्दे पर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि हालांकि उनका समूह अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों का पक्षधर है, लेकिन ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों के बीच इस समझौते को मंजूरी देना मुमकिन नहीं है। वेबर के अनुसार, अमेरिकी उत्पादों पर ईयू के टैरिफ कम करने की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डालना होगा। अगर यूरोपीय संसद का यह बड़ा समूह और अन्य वामपंथी दल एकजुट हो जाते हैं, तो इस डील को ब्लॉक करना बहुत आसान हो जाएगा।
समझौते की शर्तें और बढ़ता असंतोष: क्यों विवादों में थी यह डील?
यह विवादित व्यापार समझौता पिछले साल गर्मियों में ईयू कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुआ था। इस समझौते के तहत अमेरिका को यूरोपीय सामानों पर 15% टैरिफ लगाना था, जबकि बदले में यूरोप को अमेरिकी औद्योगिक और कुछ कृषि उत्पादों पर ड्यूटी खत्म करनी थी। हालांकि, कई यूरोपीय सांसद पहले से ही इसे अमेरिका के पक्ष में झुका हुआ मान रहे थे। तनाव तब और बढ़ गया जब जुलाई के बाद अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम पर 50% टैरिफ लगाकर सैकड़ों अन्य यूरोपीय उत्पादों को भी इसके दायरे में शामिल कर लिया।
फ्रांस और डेनमार्क का गुस्सा: संप्रभुता के सम्मान की मांग
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की टैरिफ धमकी को ‘अस्वीकार्य’ बताया है। वहीं, डेनमार्क के सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर कर मांग की है कि जब तक ग्रीनलैंड पर दावे और धमकियां बंद नहीं होतीं, तब तक अमेरिका के साथ होने वाली सभी व्यापारिक वार्ताओं को फ्रीज (Freeze) कर दिया जाए। यूरोपीय संसद की ट्रेड कमेटी के अध्यक्ष बर्न्ड लांगे ने देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही है। ईयू अब अपने ‘एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट’ (ACI) का उपयोग करने पर विचार कर रहा है, जो उसे टेक कंपनियों पर टैक्स लगाने और निवेश रोकने जैसी असाधारण शक्तियां देता है।
ट्रंप की 25% टैरिफ की चेतावनी: ग्रीनलैंड को लेकर आर-पार की जंग
17 जनवरी 2026 को डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि 1 फरवरी से फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और डेनमार्क सहित 8 यूरोपीय देशों के सामान पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका को ग्रीनलैंड को खरीदने की डील नहीं मिलती है, तो जून तक यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क के अधीन एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, लेकिन ट्रंप इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए लंबे समय से इसे खरीदने की योजना पर काम कर रहे हैं।
आपातकालीन बैठक और भविष्य की राह: क्या टलेगा व्यापार युद्ध?
बढ़ते तनाव के बीच रविवार को ईयू के 27 देशों के राजदूतों की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है। इस बैठक में ट्रंप की धमकियों का एकजुट होकर जवाब देने की रणनीति तैयार की जाएगी। यूरोपीय संघ का कड़ा रुख यह संकेत देता है कि वे आर्थिक दबाव के आगे अपनी संप्रभुता का सौदा नहीं करेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाशिंगटन और ब्रुसेल्स कूटनीति के जरिए इस संभावित व्यापार युद्ध को टाल पाते हैं या दुनिया एक और बड़े आर्थिक टकराव की गवाह बनेगी।
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