Epstein Files Controversy: लोकसभा के बजट सत्र में एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए, जिनका जवाब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विस्तार से दिया। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?
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राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम एपस्टीन फाइल्स में है, फिर भी उन्हें जेल क्यों नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था और इस संबंध में हरदीप पुरी की भूमिका क्या रही। सदन के बाहर भी राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम दर्ज हैं।
हरदीप पुरी का स्पष्टीकरण
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी मुलाकात जेफरी एपस्टीन से हुई थी, लेकिन यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट (IPI) के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए हुई थी। उन्होंने बताया कि
- वर्ष 2009 में जब वे अमेरिका में भारत के राजदूत थे, तब यह मुलाकात हुई।
- इस दौरान 3-4 बार एपस्टीन से मुलाकात का उल्लेख है।
- सारी जानकारी सार्वजनिक डोमेन में मौजूद है और करीब 3 मिलियन ईमेल उपलब्ध हैं।
- आठ साल बाद वे मंत्री बने, इसलिए इन मुलाकातों का उनके राजनीतिक करियर से कोई संबंध नहीं है।
पुरी ने यह भी कहा कि एपस्टीन फाइल्स में गंभीर अपराधों और गलत कामों का उल्लेख है, जिनमें बाल यौन शोषण जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातचीत का इन मामलों से कोई लेना-देना नहीं था।
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राहुल गांधी पर निशाना

हरदीप पुरी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2014 में वे एक आम नागरिक थे और एपस्टीन के संपर्क में रहे एक व्यक्ति ने उनकी मुलाकात अमेरिका के वेस्ट कोस्ट में लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन से करवाई थी। उस समय उन्होंने ईमेल में लिखा था कि भारत एक शानदार अवसर प्रस्तुत कर रहा है और हॉफमैन को भारत आकर बदलावों को देखना चाहिए।
विवाद का असर
राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठाकर सरकार पर हमला बोला, जबकि हरदीप पुरी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मुलाकातें केवल राजनयिक और आधिकारिक संदर्भ में हुई थीं। पुरी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी बिना सबूत गंभीर आरोप लगाते हैं, जिससे संसद की गरिमा प्रभावित होती है।
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