पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी, मंत्री टेटवाल ने किया जनभागीदारी का आह्वान

पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी है: मंत्री टेटवाल विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्लोबल स्किल्स पार्क में हुआ पौध-रोपण प्रदेश की सभी आईटीआई में 200 पौधों का होगा रोपण भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि मानव जीवन और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक है। वर्षों से हम प्रकृति से जल, वायु, भूमि और अन्य संसाधन प्राप्त करते रहे हैं, लेकिन विकास और सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता के बीच प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन भी हुआ है। इसका परिणाम आज जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, जल संकट, तापमान में वृद्धि और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों

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Published On :

जून 5, 2026

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पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी है: मंत्री टेटवाल

विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्लोबल स्किल्स पार्क में हुआ पौध-रोपण
प्रदेश की सभी आईटीआई में 200 पौधों का होगा रोपण

भोपाल

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि मानव जीवन और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक है। वर्षों से हम प्रकृति से जल, वायु, भूमि और अन्य संसाधन प्राप्त करते रहे हैं, लेकिन विकास और सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता के बीच प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन भी हुआ है। इसका परिणाम आज जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, जल संकट, तापमान में वृद्धि और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे समय में प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाना आवश्यक हो गया है। पर्यावरण संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी है।

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित पौध-रोपण कार्यक्रम में मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि अब समय केवल प्रकृति से लेने का नहीं, बल्कि उसे लौटाने का है। पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयास किसी एक दिन, सप्ताह या अभियान तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें हमारे दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आचरण अपनाए तो बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं।

प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए करें सतत प्रयास

मंत्री टेटवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का अर्थ केवल पौधे लगाना नहीं है। प्रदूषण को कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नदियां, तालाब, जलाशय और अन्य जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

मंत्री टेटवाल ने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए किए जाने वाले प्रयास निरंतर और आजीवन होने चाहिए। वर्तमान पीढ़ी यदि पर्यावरण और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

प्रदेशभर में चलेगा पौधरोपण अभियान

मंत्री टेटवाल ने बताया कि विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर निर्माण के उद्देश्य से प्रदेश की प्रत्येक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) में 200-200 पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क परिसर में 1000 पौधे लगाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौध-रोपण भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मंत्री टेटवाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल औपचारिक गतिविधि न मान कर इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव ही बेहतर भावी जीवन की आधारशिला है।

पर्यावरण संरक्षण वर्षभर की जिम्मेदारी

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश शर्मा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है। पर्यावरण संरक्षण वर्ष के सभी 365 दिनों की जिम्मेदारी है। संस्थान द्वारा हरित परिसर निर्माण, पौधरोपण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और व्यवहारगत परिवर्तन ही इस दिशा में स्थायी परिणाम सुनिश्चित कर सकते हैं।

कार्यक्रम में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

 

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