40 किलो अनाज नहीं मिला तो भड़का मजदूर, राजगढ़ में बस रोककर किया प्रदर्शन

राजगढ़. मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला- “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है।

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Published On :

मई 10, 2026

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राजगढ़.

मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला- “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।”

करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया।

अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन
खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया।

अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर
शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली।

यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा
मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।

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