प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला द्वारा 400 केवी धरदेही-बिलासपुर पुल पारेषण लाइन का ऊर्जीकरण

रायपुर रायपुर सहित छह जिलों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस धरदेही-बिलासपुर पूल (पावरग्रिड-पीजीसीआईएल) पारेषण लाइन को आज दोपहर 12:34 बजे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। लगभग 50.7 किलोमीटर लंबी इस पारेषण लाइन के चालू होने से रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा तथा भाटापारा-बलौदाबाजार जिलों की विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण संभव होगा और वर्तमान एवं भविष्य की विद्युत मांग पूरी करने में सहायता मिलेगी।

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Published On :

नवम्बर 5, 2026

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रायपुर
रायपुर सहित छह जिलों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस धरदेही-बिलासपुर पूल (पावरग्रिड-पीजीसीआईएल) पारेषण लाइन को आज दोपहर 12:34 बजे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। लगभग 50.7 किलोमीटर लंबी इस पारेषण लाइन के चालू होने से रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा तथा भाटापारा-बलौदाबाजार जिलों की विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण संभव होगा और वर्तमान एवं भविष्य की विद्युत मांग पूरी करने में सहायता मिलेगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में पारेषण लाइन का ऊर्जीकरण संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (लाइन) श्री संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (सबस्टेशन), बिलासपुर श्रीमती कल्पना घाटे तथा कार्यपालक निदेशक, बिलासपुर क्षेत्र, सीएसपीडीसीएल श्री ए.के. अम्बस्थ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस 400 केवी डीसीडीएस क्वाड मूस पारेषण लाइन के निर्माण के दौरान चार स्थानों पर अन्य विद्युत लाइनों की क्रॉसिंग का कार्य हॉटलाइन पद्धति से सफलतापूर्वक किया गया। इसके अतिरिक्त रेलवे क्रॉसिंग का कार्य भी बिना पावर ब्लॉक लिए हॉटलाइन स्ट्रिंगिंग पद्धति से पूरा किया गया। परियोजना निर्माण के दौरान राइट ऑफ वे (मार्गाधिकार) से संबंधित कई गंभीर चुनौतियां भी सामने आईं। इन चुनौतियों के बावजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क से परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर चालू किया गया। नई पारेषण लाइन से अधिक विद्युत शक्ति का पारेषण संभव होगा। इससे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी की वर्तमान एवं भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एस.के. दुबे, अधीक्षण अभियंता श्री के.के. यादव, अधीक्षण अभियंता (सबस्टेशन), बिलासपुर श्री गौतम केनार, अधीक्षण अभियंता (लाइन) श्री वी.बी.एस. कंवर, अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री रवि चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता (ईएचटी निर्माण) श्री जी.आर. जायसवाल, कार्यपालन अभियंता (ईएचटी मेंटेनेंस) श्री एम.डी. दुबे, कार्यपालन अभियंता (सिविल) श्री योगेश्वर सिन्हा, श्री हिमांशु नामदेव, श्री शिवसुंदर घोष, श्री यशोनिल मिश्रा, श्रीमती आरती मधु कुजूर, श्री ए.के. सैनी, सहायक अभियंता श्री मोहन कुमार देवांगन, सहायक अभियंता श्री नवीन मिश्रा, श्री धीरज गढेवाल, श्री योगेश राठिया, श्रीमती पूनम कौशिक, श्री क्षितिज त्रिपाठी, श्री हिमांशु मेहरा, श्री यशवंत कुमार, श्री बजरंग विश्वकर्मा, श्रीमती वर्षा कुर्रे, श्री ऋषभ पांडे एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
 

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