ईंधन बचत पर जोर: तेल महंगा होते ही Air India ने बदली रणनीति

 नई दिल्‍ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से विदेश यात्राएं कम करने की अपील और बढ़ते कच्‍चे तेल के दाम के बीच एअर इंडिया (Air India) ने एक बड़ा फैसला लिया है. एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर अपने इंटरनेशनल ऑपरेशन में कटौती का ऐलान किया है।   एअर इंडिया ने कई रूटों पर फ्लाइट्स की संख्‍या को एडजस्‍ट किया है. एयलाइंस ने अगस्त 2026 तक, हर महीने 1,200 से ज्‍यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन जारी रखने का फैसला लिया है।  एअर इंडिया ने कहा है कि हर महीने 1200 इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन करेगा, जिससे एक मजबूत इंटरनेशनल नेटवर्क बना

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Published On :

मई 13, 2026

 नई दिल्‍ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से विदेश यात्राएं कम करने की अपील और बढ़ते कच्‍चे तेल के दाम के बीच एअर इंडिया (Air India) ने एक बड़ा फैसला लिया है. एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर अपने इंटरनेशनल ऑपरेशन में कटौती का ऐलान किया है।  

एअर इंडिया ने कई रूटों पर फ्लाइट्स की संख्‍या को एडजस्‍ट किया है. एयलाइंस ने अगस्त 2026 तक, हर महीने 1,200 से ज्‍यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन जारी रखने का फैसला लिया है। 

एअर इंडिया ने कहा है कि हर महीने 1200 इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन करेगा, जिससे एक मजबूत इंटरनेशनल नेटवर्क बना रहेगा, जो पांच महाद्वीपों से होकर जाएगा। 

कहां के लिए चलेंगी कितनी फ्लाइट्स? 
उत्तरी अमेरिका के लिए हर हफ्ते 33 फ्लाइट्स, यूरोप के लिए हर हफ़्ते 47 फ्लाइट्स, UK के लिए हर हफ़्ते 57 फ्लाइट्स, ऑस्ट्रेलिया के लिए हर हफ़्ते 08 फ्लाइट्स, सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और SAARC क्षेत्रों के लिए हर हफ़्ते 158 फ्लाइट्स, और मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए हर हफ़्ते 07 फ्लाइट्स चलाई जाएंगी। 

पीएम मोदी ने की थी अपील 
एअर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वह 1 साल तक सोना नहीं खरीदें. साथ ही विदेशी यात्राओं को भी कम करें, ताकि संकट के समय में भारतीय रुपये की गिरावट और भारतीय अर्थ्‍व्‍यवस्‍था पर दबाव को कम किया जा सके. अभी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 95 लेबल के पार पहुंच चुका है और 96 मार्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 

तेल की कीमतों में तेजी से एयलाइंस की बढ़ी परेशानी 
एयरलाइंस का यह फैसला, उसे कुछ राहत दे सकता है, क्‍योंकि ईरान-अमेरिका जंग और होर्मुज के बंद होने के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं. ऐसे में एयलाइंस को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके मुनाफे में भारी नुकसान हुआ है। 

एयलाइंस ने लगाई थी मदद की गुहार 
हाल ही में तेल की कीमतों में तेजी के कारण एअर इंडिया से लेकर इंडिगो और स्पाइसजेट समेत तमाम एयरलाइन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई थी. साथ ही चेतावनी देते हुए कहा था कि विमान ईंधन (एयर टर्बाइन फ्यूल-ATF) की कीमतों में तेज इजाफा होने से एविएशन सेक्टर बेहद तनाव का सामना कर रहा है। 

इस लेटर में एविएशन मिनिस्ट्री से कहा था कि मौजूदा लागत बढ़ने के कारण कई एयर रूट्स को आर्थिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है. अगर ATF Price इसी तरह हाई पर बने रहते हैं, तो एयरलाइंस को अपने परिचालन का फिर से वैल्‍यूवेशन करना पड़ सकता है और कई विदेशी उड़ानों को रद्द करना पड़ सकता है और अब एअर इंडिया ने कई रूट में कटौती करने का फैसला लिया है। 

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