EVM Tampering : तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले महत्वपूर्ण मतदान से ठीक पहले ईवीएम (EVM) के साथ छेड़छाड़ की अजीबोगरीब और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से यह दावा किया जा रहा है कि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता और असामाजिक तत्व ईवीएम के बटन पर खास तरह की खुशबू, इत्र या अदृश्य स्याही लगा रहे हैं। इस शरारत का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि मतदाता ने किस उम्मीदवार के पक्ष में बटन दबाया है, ताकि बाद में उंगलियों की गंध या निशान के जरिए वोटों की गोपनीयता भंग की जा सके। मतदान की शुचिता को प्रभावित करने वाले इन दावों ने चुनाव आयोग की नींद उड़ा दी है।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख: इसे माना जाएगा गंभीर चुनावी अपराध
इन खबरों का संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग (EC) के अधिकारियों ने मंगलवार को सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम मशीन के किसी भी हिस्से, विशेषकर कैंडिडेट बटन के साथ किसी भी प्रकार की छेड़खानी को ‘टैम्परिंग’ माना जाएगा। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईवीएम के साथ दखल देना एक गंभीर चुनावी अपराध है। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई जाएगी। यदि किसी बूथ पर ऐसी धांधली की पुष्टि होती है, तो वहां के मतदान को रद्द कर दोबारा वोटिंग (Re-polling) का आदेश दिया जा सकता है।
पीठासीन अधिकारियों को विशेष निर्देश: हर घंटे होगी बटनों की जांच
चुनाव आयोग ने सभी पोलिंग स्टेशनों के प्रीसाइडिंग ऑफिसर्स (पीठासीन अधिकारियों) के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। मतदान शुरू होने से पहले और प्रक्रिया के दौरान समय-समय पर अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ईवीएम के बैलेट यूनिट पर सभी उम्मीदवारों के बटन पूरी तरह साफ और स्पष्ट दिख रहे हों। अधिकारियों को कड़ाई से निर्देश दिए गए हैं कि वे चेक करें कि किसी भी बटन पर टेप, ग्लू (गोंद), स्याही, परफ्यूम या कोई अन्य रासायनिक पदार्थ तो नहीं लगा है। यदि कोई भी बटन किसी भी चीज से ढका हुआ पाया जाता है, तो उसे तुरंत हटाकर उच्च अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होगा।
मतदान की गोपनीयता सर्वोपरि: केमिकल या इत्र के इस्तेमाल पर पाबंदी
निर्वाचन आयोग ने जोर देकर कहा है कि भारतीय चुनाव प्रणाली में ‘वोटों की गोपनीयता’ सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बैलेट यूनिट के कैंडिडेट बटन पर किसी भी तरह का रंग, स्याही, परफ्यूम या केमिकल लगाना अवैध है। यदि कोई मतदाता या पोलिंग एजेंट ऐसी हरकत करते हुए पकड़ा जाता है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत सेक्टर ऑफिसर या रिटर्निंग ऑफिसर को इसकी रिपोर्ट करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह न केवल मशीन के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि मतदाता को डराने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित करने का एक प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनावी रण: तमिलनाडु और बंगाल में दो चरणों में होगा महासंग्राम
मतदान के कार्यक्रम की बात करें तो तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर कल, यानी 23 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया दो चरणों में विभाजित की गई है। बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को निर्धारित है। इन दोनों ही राज्यों के चुनावी परिणामों की घोषणा और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। प्रशासन ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि ईवीएम टैम्परिंग जैसी अफवाहों या घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
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