Maharashtra Politics: असली फिल्म अभी बाकी है’, एकनाथ शिंदे ने दिए महाराष्ट्र राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर तीखा हमला बोला है। शिंदे ने राउत को 'कंपाउंडर' बताते हुए कहा कि राजनीतिक ऑपरेशन करने के लिए शेर का दिल चाहिए। उन्होंने राज्य में जल्द ही बड़े सियासी उलटफेर के संकेत देते हुए कहा कि 'यह सिर्फ ट्रेलर है, असली फिल्म बाकी है।'

Maharashtra Politics

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 20, 2026

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार (19 जून) को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह के भव्य मंच से विरोधियों पर जमकर प्रहार किया। कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को सीधे तौर पर ललकारा और राज्य की राजनीति में जल्द ही बड़े उलटफेर के संकेत दिए। उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि जो कुछ भी अब तक हुआ है वह तो सिर्फ एक झांकी है, मुख्य राजनीतिक घटनाक्रम होना अभी शेष है। खुद को असली शिवसेना का वारिस बताते हुए उन्होंने विरोधियों को चुनौती दी कि गीदड़ झुंड में आते हैं, लेकिन शेर हमेशा अकेला ही चलता है।

संजय राउत के सियासी कद का उड़ाया मजाक

बताते चले कि, शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने उनके बयानों पर तीखा पलटवार किया। दरअसल, उद्धव गुट की ओर से बागी विधायकों को निर्वाचन क्षेत्रों में आने पर कुचलने और ‘ऑपरेशन’ करने की खुली धमकी दी गई थी। इस पर तंज कसते हुए शिंदे ने कहा कि जो लोग खुद को बहुत बड़ा रणनीतिकार समझते हैं, उनकी हैसियत सिर्फ एक ‘कंपाउंडर’ जैसी है। उन्होंने हंसते हुए पूछा कि एक अदना सा कंपाउंडर भला किसी का ऑपरेशन कैसे कर सकता है? उन्होंने अपने सांसद बेटे का हवाला देते हुए कहा कि असली डॉक्टर तो श्रीकांत शिंदे हैं, और भले ही मैं खुद डॉक्टर न होऊं, लेकिन मुझे राजनीतिक शल्यचिकित्सा (ऑपरेशन) करना बखूबी आता है, जिसके लिए भेड़िये का नहीं बल्कि शेर का जिगर चाहिए होता है।

जून 2022 के विद्रोह के दिनों का स्मरण

जून 2022 में महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के खिलाफ की गई अपनी ऐतिहासिक बगावत और तख्तापलट के दिनों को याद करते हुए डिप्टी सीएम ने उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चार साल पहले भी इन नेताओं ने मुझे मुंबई आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी और वर्ली (आदित्य ठाकरे का निर्वाचन क्षेत्र) से गुजरने की चुनौती दी थी। शिंदे ने गर्जना करते हुए कहा कि मुंबई शहर किसी की निजी जागीर नहीं है। मैं उस वक्त बिना किसी डर के हवाई मार्ग के बजाय सड़क मार्ग से अकेले आया और वर्ली में बाकायदा रुका भी था। मजेदार बात यह है कि जो लोग मुझे डरा रहे थे, वे खुद अपने घरों में दुबक कर मुझे टीवी और सोशल मीडिया पर ऑनलाइन देख रहे थे।

कट्टर बालासाहेब की विचारधारा का संकल्प

वरिष्ठ नेता रामदास कदम के वक्तव्यों का पुरजोर समर्थन करते हुए एकनाथ शिंदे ने उद्धव गुट को चेतावनी दी कि वे अपनी हद में रहें। उन्होंने कहा कि अगर यूबीटी गुट ‘ऑपरेशन तुड़वा’ या हमारे विधायकों को कुचलने की हिमाकत करने की सोच रहा है, तो उनमें हमारे आक्रामक गुट का सामना करने का साहस भी होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि हमारी पार्टी के जांबाज शिवसैनिक स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की प्रखर और कट्टर हिंदुत्ववादी विचारधारा के सच्चे अनुयायी हैं। अगर किसी ने हमारे लोगों पर हाथ उठाने की कोशिश भी की, तो हमारे कार्यकर्ता सामने वाले के पैर सलामत नहीं छोड़ेंगे।