Eid Ul Fitr Moon Sighting Date: रमजान का पवित्र महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे उत्साह के साथ अल्लाह की इबादत में जुटे हैं और रोजे रख रहे हैं। रमजान के समापन के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। चूंकि इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा की गणना पर आधारित है, इसलिए ईद की सटीक तारीख पूरी तरह से चांद के दीदार (Moon Sighting) पर निर्भर करती है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष सऊदी अरब और भारत में ईद कब मनाए जाने की संभावना है।
खाड़ी देशों में चांद का दीदार
इस्लामिक परंपरा के अनुसार, ईद की तारीख का अंतिम फैसला चांद दिखने के बाद ही किया जाता है। भौगोलिक स्थिति के कारण मध्य पूर्व के देशों, जैसे सऊदी अरब, यूएई और ईरान में चांद भारत से एक दिन पहले दिखाई देता है। इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर (International Astronomical Center) के अनुमानों के मुताबिक, सऊदी अरब में 18 मार्च 2026 को चांद दिखने की प्रबल संभावना है।
यदि 18 मार्च को चांद नजर आता है, तो वहां 19 मार्च को ईद मनाई जाएगी। इस स्थिति में रोजेदारों के 29 रोजे पूरे होंगे। हालांकि, यदि आसमान साफ न होने या अन्य कारणों से 18 तारीख को चांद नहीं दिखता है, तो 19 मार्च को चांद दिखने के बाद 20 मार्च को ईद का जश्न मनाया जाएगा।
भारत में मीठी ईद का जश्न
आमतौर पर देखा गया है कि भारत में ईद का पर्व सऊदी अरब के ठीक एक दिन बाद मनाया जाता है। यदि सऊदी अरब में 18 मार्च को चांद दिखता है और वहां 19 मार्च को ईद होती है, तो भारत में 19 मार्च की शाम को चांद नजर आने की उम्मीद है। ऐसे में भारतीय मुसलमान 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाएंगे।
वहीं, यदि गणना में एक दिन का अंतर आता है और चांद 20 मार्च को नजर आता है, तो भारत में ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी। मस्जिदों और हिलाल कमेटियों द्वारा चांद दिखने की तस्दीक (पुष्टि) होने के बाद ही ईद की आधिकारिक घोषणा की जाती है।
रमजान का महत्व और मीठी ईद की परंपरा
आपको बता दे कि, रमजान के 30 या 29 दिनों के कठिन उपवास के बाद आने वाली इस ईद को ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है। इस दिन घरों में विशेष रूप से सेवइयां और अन्य पकवान बनाए जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, ईदगाहों में नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगकर बधाई देते हैं। यह त्योहार आपसी भाईचारे, दान (जकात और फितरा) और खुशियां बांटने का प्रतीक है।
डिस्क्लेमर: उपर्युक्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और खगोलीय अनुमानों पर आधारित है। ईद की सही तारीख का निर्धारण स्थानीय चांद दिखने की घोषणा के बाद ही होगा।










