ED Raids on Vedanta Group: वेदांता ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी, दस्तावेज जब्त

वेदांता ग्रुप पर ईडी की छापेमारी के बाद कंपनी के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे जांच में एजेंसी को पूरा सहयोग कर रहे हैं।

ED Raids on Vedanta Group

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 2, 2026

ED Raids on Vedanta Group: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत एक महत्वपूर्ण जांच के सिलसिले में वेदांता समूह के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। एजेंसी ने दिल्ली और मुंबई स्थित समूह के दो प्रमुख ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य रूप से वेदांता समूह की कंपनियों द्वारा अपनी मूल कंपनी को किए गए ‘ब्रांड फीस भुगतान’ (Brand Fee Payment) से जुड़ी है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन भुगतानों के जरिए विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन किया गया हो सकता है। ईडी की टीमों ने मौके से संदिग्ध लेन-देन, वित्तीय समझौतों और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया है, जिनकी अब गहन समीक्षा की जा रही है।

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दस्तावेजों की हो रही सूक्ष्म पड़ताल

ईडी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को शुरू हुआ यह तलाशी अभियान अब पूरा हो चुका है। जांचकर्ताओं का मुख्य ध्यान कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और उन समझौतों पर है, जिनके आधार पर भारी-भरकम राशि मूल कंपनी को हस्तांतरित की गई थी। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ये भुगतान फेमा के प्रावधानों और विदेशी विनिमय नियमों के पूर्णतः अनुरूप थे, या फिर इनके पीछे नियमों की कोई गंभीर अनदेखी की गई है। जब्त किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण अब इस जांच की दिशा तय करेगा।

जांच में सहयोग का आश्वासन

इस छापेमारी के बाद वेदांता समूह ने एक आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा है कि कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। समूह के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी कंपनी सभी लागू कानूनों और नियामक नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने ईडी द्वारा मांगी गई सभी प्रासंगिक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।” कंपनी का रुख स्पष्ट है कि वे पारदर्शिता के साथ जांच प्रक्रिया में एजेंसी की मदद कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति को दूर किया जा सके।

समूह के लिए बढ़ती मुश्किलें

वेदांता समूह के लिए यह समय आर्थिक और कानूनी चुनौतियों भरा रहा है। छापेमारी के अलावा, समूह को हाल ही में एक बड़े कानूनी झटके का सामना करना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता की सहायक कंपनी ‘तलवंडी साबो पावर लिमिटेड’ (TSPL) के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने बिजली उपलब्धता से जुड़ी कथित गलत जानकारी देने के मामले में कंपनी पर लगभग 127 करोड़ रुपये का जुर्माना और विलंब भुगतान अधिभार (Late Payment Surcharge) लगाया है।

एक तरफ ईडी की फेमा जांच और दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट का जुर्माना, ये दोनों घटनाक्रम वेदांता समूह के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ईडी के दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद जांच क्या मोड़ लेती है।

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