
जालंधर.
अमेरिका से भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने के बाद सामने आए कथित डंकी रूट नेटवर्क की जांच के बीच ट्रैवल एजेंट तरुण खोसला को ed ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है! उसे आज जालंधर में अदालत में पेश किया! इससे पहले दिसंबर 2025 में ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इस कार्रवाई में नकदी, सोना, चांदी, मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, आज की पेशी के कारण और उससे जुड़े ताजा घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फरवरी 2025 में अमेरिका से सैकड़ों भारतीयों को वापस भेजा गया था। इनमें पंजाब और हरियाणा के लोग भी शामिल थे।

डिपोर्ट किए गए लोगों के बयानों के बाद विदेश भेजने के नाम पर कथित धोखाधड़ी और डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच शुरू हुई। पंजाब और हरियाणा में दर्ज मामलों के आधार पर ED ने इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की।
ईडी ने निर्वासितों के बयान दर्ज किए हैं, जिनके आधार पर संदिग्धों तक पहुंचा जा सका है और जिनकी तलाश जारी है। प्रत्येक निर्वासित ने उन ट्रैवल एजेंटों को ₹ 45 लाख से ₹ 55 लाख के बीच भुगतान किया था जिनसे वे व्यक्तिगत रूप से कभी नहीं मिले थे, लेकिन स्थानीय संपर्कों के माध्यम से उनसे जुड़े थे। ईडी ने निर्वासितों से उन सभी दस्तावेजों को प्रस्तुत करने को कहा है, जिनमें उन एजेंटों के बैंक खाते का विवरण भी शामिल है जिन्हें भुगतान किया गया था।
ईडी की जांच में पाया गया कि निर्वासितों को ट्रैवल एजेंटों, बिचौलियों, विदेशी सहयोगियों, हवाला ऑपरेटरों, आवास और अन्य लॉजिस्टिक्स व्यवस्था प्रदाताओं के एक नेटवर्क द्वारा सुविधा प्रदान की गई थी। जुलाई में, पंजाब के अमृतसर, संगरूर, पटियाला और मोगा सहित 11 शहरों और हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल में संदिग्धों और एजेंटों के कार्यालयों और घरों पर छापे मारे गए, जिसके दौरान फर्जी आव्रजन और वीजा स्टाम्प सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।











