ED Action: पंजाब की भगवंत मान सरकार के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सुबह-सुबह उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उस वित्तीय घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें पहले ही संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल गुरुग्राम जेल में बंद हैं।
ईडी की टीम ने देश के कई राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें उत्तर प्रदेश के नोएडा और बरेली, दिल्ली और पंजाब के जालंधर जैसे शहर शामिल हैं। जांच एजेंसी उन लोगों और संस्थाओं से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही है, जो कथित तौर पर इस मामले से जुड़े हैं।
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फर्जी निर्यात और GST घोटाले का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा मामला दुबई को मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया गया।
इस केस में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) नामक कंपनी भी जांच के दायरे में है। यह वही कंपनी है जिसे पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। आरोप है कि इस कंपनी ने फर्जी निर्यात दिखाकर लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की और गलत तरीके से GST रिफंड हासिल किया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ।
देशभर में फैला जांच का दायरा
ईडी की कार्रवाई केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की जा रही है। जिन स्थानों पर जांच चल रही है, उनमें संदिग्ध व्यक्तियों के आवासीय और व्यावसायिक कार्यालय दोनों शामिल हैं। जांच एजेंसी का उद्देश्य इस नेटवर्क से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहराई से जांच करना है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस कार्रवाई के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी चुनिंदा लोगों और व्यापारियों को निशाना बना रही है।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के छोटे व्यापारियों को डराया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार और जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए ईडी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में संजीव अरोड़ा को पहले ही प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर करीब 100 करोड़ रुपये की GST धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि संबंधित कंपनियों ने फर्जी दस्तावेजों और गलत निर्यात दिखाकर सरकार को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
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जांच आगे भी जारी रहने की संभावना
ईडी अधिकारियों के अनुसार यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, कंपनियों और जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल देशभर में चल रही इस कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।










