EC की नई गाइडलाइन: 100 मिनट में शिकायतों का समाधान, निगरानी के लिए 5000 उड़नदस्ते मैदान में

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के लिए 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी) में सख्त आदर्श आचार संहिता के निर्देश जारी किए हैं। 16 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन क्षेत्रों में एमसीसी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने सुनिश्चित किया है कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हों, इसलिए केंद्रीय सरकार सहित सभी संबंधित पक्षों पर MCC के प्रावधान लागू किए गए हैं। मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इस

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 16, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

नई दिल्ली
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के लिए 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी) में सख्त आदर्श आचार संहिता के निर्देश जारी किए हैं। 16 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन क्षेत्रों में एमसीसी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने सुनिश्चित किया है कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हों, इसलिए केंद्रीय सरकार सहित सभी संबंधित पक्षों पर MCC के प्रावधान लागू किए गए हैं। मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इस बार कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जहां लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। करीब 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे और लगभग 25 लाख कर्मी चुनाव प्रक्रिया में तैनात रहेंगे।

चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 5,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड्स (उड़नदस्ते) और 5,200 से ज्यादा स्टेटिक सर्विलांस टीमों की तैनाती की है। शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के अंदर करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों की शिकायतों के लिए 1950 टोल-फ्री नंबर और सी-विजिल ऐप के माध्यम से रिपोर्टिंग की व्यवस्था की गई है। राजनीतिक दलों को रैलियां, जुलूस या सभाओं के लिए पहले से पुलिस को सूचित करना अनिवार्य है, लाउडस्पीकर आदि की इजाजत लेनी होगी। सार्वजनिक स्थलों जैसे मैदानों या हेलीपैड के उपयोग के लिए सुविधा पोर्टल पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवेदन करना होगा।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

EC का सख्त निर्देश
मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आधिकारिक कार्यों को चुनाव प्रचार से न जोड़ें व सरकारी मशीनरी, वाहनों या कर्मचारियों का दुरुपयोग न होने दें। निजी संपत्तियों पर बिना मालिक की अनुमति के पोस्टर, बैनर या झंडे नहीं लगाए जा सकेंगे। नागरिकों की निजता का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा व निजी आवासों के बाहर प्रदर्शन या धरना प्रतिबंधित रहेगा। चुनाव आयोग ने सभी स्तर के अधिकारियों से निष्पक्षता बरतने और सभी दलों के साथ समान व्यवहार करने का आह्वान किया है।

मतदान की तिथियां चार चरणों में निर्धारित की गई हैं। 9 अप्रैल को केरल, असम और पुडुचेरी में एक ही चरण में, 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल का पहला चरण और तमिलनाडु, जबकि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल का दूसरा चरण होगा। सभी राज्यों में मतगणना 4 मई 2026 को होगी। साथ ही 6 राज्यों में उपचुनाव भी घोषित किए गए हैं। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और कानून के अनुसार चले, जिससे लोकतंत्र की मजबूती बनी रहे।

 

Leave a Comment