Iran Attack On Dubai: कल तक जो दुबई अपनी गगनचुंबी इमारतों और जगमगाती रोशनी के लिए दुनिया का सिरमौर था, आज वहां खौफनाक सन्नाटा पसरा हुआ है। मिडिल ईस्ट का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाने वाला संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब बारूद की गंध से भरा है। 1 मार्च को जारी हुई सैटेलाइट तस्वीरों ने वैश्विक समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। इन तस्वीरों में आलीशान होटलों और बिजनेस सेंटर्स के ऊपर काले धुएं के बादल स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि युद्ध की लपटें अब ‘न्यूट्रल’ माने जाने वाले इलाकों तक पहुंच चुकी हैं।
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ईरान का भीषण पलटवार और खाड़ी देशों पर मिसाइल वर्षा
बताते चले कि, ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच छिड़ा संघर्ष अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुंच गया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों की ओर सैकड़ों आत्मघाती ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। हालांकि, दुबई के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अधिकांश हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन मिसाइलों के मलबे ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। बुर्ज अल अरब होटल और पाम जुमेराह जैसे दुनिया के सबसे महंगे इलाकों के पास गिरे अवशेषों से भारी क्षति की खबरें हैं। चश्मदीदों के अनुसार, रात भर आसमान में इंटरसेप्टर मिसाइलों की चमक और कान फोड़ देने वाले धमाकों ने पर्यटन की इस राजधानी को दहशत के आगोश में धकेल दिया है।
अफवाहों पर पाबंदी और रिमोट वर्किंग के कड़े निर्देश
युद्ध की विभीषिका के बीच दुबई प्रशासन ने डिजिटल अनुशासन और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। दुबई मीडिया कार्यालय ने चेतावनी जारी की है कि सोशल मीडिया पर पुरानी आगजनी के वीडियो या भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए, यूएई के मानव संसाधन मंत्रालय ने निजी क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को मंगलवार तक ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर रहने की सलाह दी है। सड़कों पर सन्नाटा है और पूरा शहर एक अनिश्चितकालीन शांति की चादर ओढ़े हुए है, जहां हर शख्स अगले खतरे की आशंका में जी रहा है।
अयातुल्ला खामेनेई की मौत और ईरान का प्रतिशोध
वैश्विक भू-राजनीति में आए इस भूचाल की जड़ें अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए उस सर्जिकल हमले में हैं, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष जनरलों की मौत हो गई। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर अंतिम प्रहार मानते हुए ‘भयानक प्रतिशोध’ की शपथ ली है। तेहरान ने उन खाड़ी देशों को सीधे निशाने पर लिया है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और रणनीतिक संपत्तियां मौजूद हैं। चूंकि दुबई एक वैश्विक व्यापारिक और सैन्य हब है, इसलिए यह अब सीधे तौर पर इस भीषण ईरान-पश्चिम युद्ध की जद में आ गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरे संकट के बादल छा गए हैं।
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