फेसबुक विज्ञापन से लखपति बनने का सपना बना जाल, ‘ट्रैक्टर नोट’ स्कैम का खुलासा

 अजमेर क्या आपके पास भी वह पुराना 5 रुपये वाला नोट है, जिसके पीछे ट्रैक्टर चलाता हुआ किसान बना है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए! जिसे आप अपनी 'किस्मत की चाबी' समझ रहे हैं, वही आपकी जमा-पूंजी साफ करने का जरिया बन सकता है. राजस्थान के अजमेर जिले में एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ, जहां एक फेसबुक विज्ञापन ने उसे लखपति बनाने का सपना दिखाकर लाखों का चूना लगा दिया. फेसबुक पोस्ट ने दिखाया '48 लाख' का सपना मामला अजमेर के पॉश इलाके शास्त्री नगर का है. यहां रहने वाली एक महिला ने फेसबुक पर एक लुभावना

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Published On :

मई 1, 2026

 अजमेर

क्या आपके पास भी वह पुराना 5 रुपये वाला नोट है, जिसके पीछे ट्रैक्टर चलाता हुआ किसान बना है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए! जिसे आप अपनी 'किस्मत की चाबी' समझ रहे हैं, वही आपकी जमा-पूंजी साफ करने का जरिया बन सकता है. राजस्थान के अजमेर जिले में एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ, जहां एक फेसबुक विज्ञापन ने उसे लखपति बनाने का सपना दिखाकर लाखों का चूना लगा दिया.

फेसबुक पोस्ट ने दिखाया '48 लाख' का सपना
मामला अजमेर के पॉश इलाके शास्त्री नगर का है. यहां रहने वाली एक महिला ने फेसबुक पर एक लुभावना विज्ञापन देखा. विज्ञापन में दावा किया गया था कि अगर किसी के पास 'ट्रैक्टर वाला' पुराना 5 रुपये का नोट है, तो उसके बदले उसे 48 लाख रुपये मिल सकते हैं. महिला इस विज्ञापन के झांसे में आ गई और दिए गए नंबर पर संपर्क किया.

ठगों ने बुना बातों का जाल
महिला ने जैसे ही संपर्क किया, ठगों ने खुद को एक बड़ी पुरानी मुद्रा (Antique Currency) खरीदने वाली कंपनी का प्रतिनिधि बताया. उन्होंने महिला का भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और आईडी कार्ड्स तक दिखाए. महिला को यकीन दिलाया गया कि उसका 5 रुपये का नोट वाकई 'दुर्लभ' है और उसे 48 लाख रुपये दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

किश्तों में पार किए 3.66 लाख रुपये
ठगी का खेल तब शुरू हुआ जब ठगों ने 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर पैसे मांगना शुरू किया. महिला से कभी GST, कभी रजिस्ट्रेशन शुल्क, तो कभी फाइल चार्ज और ट्रैवलिंग चार्ज के नाम पर किश्तों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए. महिला को बार-बार आश्वासन दिया गया कि बस यह आखिरी चार्ज है, इसके बाद 48 लाख सीधे खाते में आ जाएंगे. लालच और उम्मीद में महिला पैसे भेजती रही. जब तक महिला को ठगी का अहसास हुआ, वह कुल 3 लाख 66 हजार रुपये ठगों के खातों में जमा कर चुकी थी.

साइबर थाना जांच में जुटा
जब महिला को न तो पैसे मिले और न ही प्रतिनिधि का फोन लगा, तब उसे ठगी का अहसास हुआ. पीड़िता ने अजमेर के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. डीवाईएसपी शमशेर खान ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी डिटेल खंगाली जा रही है.

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