डॉ. शिबानी के सपनों को मिली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से स्वावलंबन की उड़ान

रायपुर आज के बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बस्तर जिले की डॉ. शिबानी रानी सारंगी ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत बनकर उभरी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा किया, बल्कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में भी कदम रखा है।         बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा रखने वाली डॉ. शिबानी ने कड़ी मेहनत से डेंटल सर्जरी की डिग्री प्राप्त की और ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की, लेकिन

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मार्च 19, 2026

रायपुर

आज के बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बस्तर जिले की डॉ. शिबानी रानी सारंगी ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत बनकर उभरी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा किया, बल्कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में भी कदम रखा है। 
      
बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा रखने वाली डॉ. शिबानी ने कड़ी मेहनत से डेंटल सर्जरी की डिग्री प्राप्त की और ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वयं का क्लिनिक स्थापित करना उनके लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती थी।
       
इस मुश्किल घड़ी में डॉ. शिबानी को एक मित्र के माध्यम से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल कार्यालय जाकर ऋण प्रक्रिया को समझा और पंजाब नेशनल बैंक की डिमरापाल शाखा में अपना आवेदन प्रेषित किया। योजना के तहत उन्हें 8 लाख 56 हजार 900 रुपए की ऋण राशि स्वीकृत हुई, जिससे उनके सपनों को धरातल पर आने का रास्ता मिल गया। शासन की ओर से उन्हें 2 लाख 25 हजार 500 रुपए की सब्सिडी (अनुदान) भी प्राप्त हुई, जिससे उनका वित्तीय बोझ काफी कम हो गया।
       
वर्ष 2024 में जगदलपुर के कोठारी कॉम्प्लेक्स स्थित राम पोलिक्लिनिक में अपने डेंटल क्लिनिक की शुरुआत कर डॉ. शिबानी ने एक सफल चिकित्सक के साथ ही व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आज उनके क्लिनिक में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं और उनका सालाना टर्नओवर 3 से 4 लाख रुपए तक पहुंच गया है। विशेष बात यह है कि उन्होंने न केवल खुद को स्थापित किया, बल्कि अपने साथ दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। डॉ. शिबानी की यह सफलता सिद्ध करती है कि यदि मन में मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास हो, तो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सहयोग से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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