Dr Rameez Arrested: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद फरार चल रहे आरोपी डॉक्टर रमीज को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। लखनऊ पुलिस की सक्रियता और घेराबंदी के कारण आरोपी अब कानून के शिकंजे में है। दो सप्ताह से अधिक समय तक ठिकाने बदलने के बाद, 50 हजार रुपये के इस इनामी डॉक्टर की गिरफ्तारी को लखनऊ पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
पुलिस की बड़ी सफलता: सिटी स्टेशन के पास से दबोचा गया आरोपी
डीसीपी वेस्ट विश्वजीत श्रीवास्तव ने डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को लखनऊ के सिटी स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, रमीज लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, बरेली, पीलीभीत और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में छिप रहा था। वह कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में लखनऊ वापस आया था, लेकिन चौक पुलिस और सर्विलांस टीम की मुस्तैदी ने उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया।
धोखे और विश्वासघात की कहानी: शादीशुदा होने की बात छिपाई
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब केजीएमयू की ही एक महिला डॉक्टर ने रमीज उर्फ रमीजुद्दीन नायक के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि रमीज ने पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाकर उसे प्रेम जाल में फंसाया। आरोपी ने न केवल महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि उसे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तब उसे पता चला कि रमीज पहले से ही शादीशुदा है, जिसके बाद उनके संबंधों में दरार आ गई।
धर्मांतरण का दबाव और पीड़िता की खुदकुशी की कोशिश
पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जब उसने शादी की बात की, तो रमीज ने उस पर इस्लाम धर्म अपनाने और धर्मांतरण करने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपी की प्रताड़ना और धर्म बदलने की जिद से तंग आकर महिला डॉक्टर मानसिक रूप से इस कदर टूट गई कि उसने आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना ने मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मचा दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
केजीएमयू प्रशासन की कार्रवाई और पुलिस का शिकंजा
मामला सुर्खियों में आते ही केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर रमीज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और यूनिवर्सिटी परिसर में उसकी एंट्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। पुलिस ने इस मामले में पहले ही रमीज के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया था। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
कानूनी प्रक्रिया और न्याय की उम्मीद: अब होगी जेल की सलाखें
डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और धर्मांतरण कानून (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act) व दुष्कर्म की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि लखनऊ के एक प्रतिष्ठित संस्थान की गरिमा से भी जुड़ा है। अब पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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