Donald Trump China Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ताइवान के मामले में दखल न दे, क्योंकि यह चीन की “रेड लाइन” है। जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर अमेरिका ताइवान से दूर रहेगा तो दोनों देशों के रिश्ते बेहतर रहेंगे, अन्यथा एक गलती संबंधों पर भारी पड़ सकती है।
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रिश्तों पर असर डाल सकती है चूक
जिनपिंग ने ट्रंप को स्पष्ट कर दिया कि ताइवान को लेकर अमेरिका की कोई भी चूक दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अपनी शर्तें थोपना चाहता है तो चीन भी अपनी शर्तें मानने पर मजबूर करेगा। इस तरह से उन्होंने संकेत दिया कि रिश्तों में गर्मजोशी तभी संभव है जब अमेरिका ताइवान पर हस्तक्षेप न करे।
ट्रंप का चीन दौरा
डोनाल्ड ट्रंप तीन दिन के चीन दौरे पर हैं। पहले ही दिन उनकी मुलाकात जिनपिंग से हुई, जो करीब दो घंटे चली। इस दौरान ईरान और ताइवान पर चर्चा हुई। ट्रंप ने जिनपिंग को “महान नेता और अच्छा दोस्त” बताते हुए उनकी तारीफ की। ट्रंप अपने साथ 30 बिजनेस लीडर्स भी लेकर गए हैं, जो चीन के साथ व्यापारिक समझौते करेंगे। चीन ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का रेड कारपेट से स्वागत किया।
साझेदारी की सलाह
जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने ताइवान को लेकर अमेरिका को चेताया कि अगर इस मुद्दे पर सही तरीके से डील की जाएगी तो रिश्ते बेहतर रहेंगे, अन्यथा तनाव बढ़ेगा।
ताइवान पर चीन का दावा
चीन अपनी वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र देश मानता है और अमेरिका उसका समर्थन करता है। चीन ताइवान पर सैन्य कब्जा चाहता है और इसके लिए कई बार मॉक ड्रिल कर चुका है। ताइवान के आसपास चीनी सेना ने एयरक्राफ्ट, टैंक और फाइटर जेट तैनात किए हैं।
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