Iran Israel War: अमेरिका-इजरायल ने मिलकर संयुक्त अभियान में ईरान के अंदर कत्ले आम मचाया ईरान के ऊपर इजरायल ने सैकड़ों की संख्या में मिसाइल और बम दागे जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर इजरायल के ऊपर हमला कर रहा है।अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के ऊपर किए हमले में ईरान के सुप्रीमलीडर खामेनेई की मौत हो गई खामेनेई के साथ ही अमेरिका ने ईरान के टॉप लीडरशिप को खत्म कर दिया है लेकिन इसके बावजूद अबतक अमेरिका का वो मकसद पूरा नहीं हुआ है जिस पर पूरी दुनिया अपनी नजरें टिकाए है।
मिडिल ईस्ट संकट: एयरस्पेस बंद, सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल और डायवर्ट
खामेनेई की मौत के बाद भी अधूरी है ट्रंप की ख्वाहिश
दरअसल,ईरान में अमेरिका की चाहत अभी भी अधूरी है डोनाल्ड ट्रंप ने सोचा था कि,खामेनेई को मारकर वह 4 दिन में ही युद्ध को खत्म कर देंगे लेकिन अब ट्रंप युद्ध को चार सप्ताह तक जारी रखने की बात कर रहे हैं।अमेरिका-इजरायल के घातक हमले का ईरान भी मुंहतोड़ जवाब दे रहा है ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है जिसमें 3 अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है इस बीच मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरबेस को भी नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप की चाहत ईरान में सत्ता परिवर्तन की
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला किया हमले में खामेनेई समेत ईरान के टॉप लीडर की भी मौत हुई है लेकिन सवाल है जब ट्रंप खुद को दुनिया में शांतिदूत बता रहे हैं तो आखिर उन्होंने ईरान पर हमला क्यों करवाया?ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं लेकिन उनकी यह हसरत खामेनेई के मारे के बाद भी पूरी होती नहीं दिख रही है।ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते क्योंकि ट्रंप ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने से रोकने की कोशिश में लगे हैं।
ट्रंप की इच्छा ईरान में हो रिजीम चेंज
अमेरिका ने ईरान को डरा-धमका कर खामेनेई को सत्ता से हटाना चाहा लेकिन यह तबतक नहीं संभव हो सका जबतक खामेनेई जिंदा रहते अमेरिका ने खामेनेई को झुकाने की भरपूर कोशिश की लेकिन जब खामेनेई झुकने को तैयार नहीं हुए तो अमेरिका ने उनकी हत्या करने की ठान ली।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का असली मकसद ईरान को कैसे भी न्यूक्लियर पावर संपन्न वाला राष्ट्र बनने से रोकना रहा है अमेरिका कभी नहीं चाहता ईरान के हाथ परमाणु हथियार लगे इसके अलावा ट्रंप ईरान में रिजीम चेंज चाहते लेकिन खामेनेई की मौत के बाद भी ट्रंप का यह सपना अधूरा होता दिख रहा है क्योंकि ईरान में अबतक कहीं विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला बल्कि ईरान अमेरिका-इजरायल के हर हमले को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।
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