Middle East News : Donald Trump का बड़ा दावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ऐतिहासिक समझौता लगभग तय हो चुका है; लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए ट्रंप के दावों को हकीकत से परे क्यों बताया? जानिए इस कूटनीतिक जंग का पूरा सच!

Middle East News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 24, 2026

Middle East News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा करते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता लगभग पूरी तरह तय हो चुका है। ट्रंप के आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दों पर सहमति बन गई है और अब केवल अंतिम दौर की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए बातचीत का सिलसिला चल रहा है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाला यह संभावित समझौता पिछले तीन महीनों से मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी विनाशकारी युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने का एक ठोस रास्ता तैयार कर सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका, ईरान और इस कूटनीतिक प्रक्रिया में शामिल कई अन्य वैश्विक देशों के बीच गहन चर्चा के बाद ही यह समझौता अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच पाया है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का संदेश और नेतन्याहू से सकारात्मक बातचीत

इस वैश्विक घटनाक्रम की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खुद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट साझा की। उन्होंने दुनिया को बताया कि इस शांति समझौते के सिलसिले में उनकी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी फोन पर बेहद लंबी और सकारात्मक बातचीत हुई है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, “अलग से मेरी इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ जो चर्चा हुई, वह बेहद शानदार और सकारात्मक रही है। शांति समझौते के कुछ अंतिम और तकनीकी बिंदुओं पर अभी बातचीत चल रही है, जिसके पूरे होते ही बहुत जल्द इसकी आधिकारिक और ऐतिहासिक घोषणा दुनिया के सामने कर दी जाएगी।”

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार

शांति वार्ता की शर्तों का उल्लेख करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस बहुप्रतीक्षित समझौते के लागू होते ही वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे को तुरंत सिरे से खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना संप्रभु नियंत्रण किसी भी कीमत पर बनाए रखेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान इस जलमार्ग से केवल युद्ध शुरू होने से पहले की स्थिति के समान ही जहाजों को गुजरने की सीमित अनुमति देने पर सहमत हुआ है, जिसे किसी भी तरह से पूरी तरह मुक्त या अंतरराष्ट्रीय मार्ग नहीं माना जा सकता है।

चौदह बिंदुओं वाला व्यापक शांति समझौता और प्रतिबंधों में ढील

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पूरे समझौते को एक विस्तृत ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) यानी आपसी सहमति पत्र के रूप में परिभाषित किया है, जिसमें दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक शांति स्थापित करने से जुड़े कुल 14 प्रमुख बिंदु शामिल किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह मसौदा अभी अमेरिका, ईरान और मध्यस्थता कर रहे अन्य सहयोगी देशों की अंतिम संवैधानिक मंजूरी मिलने के बाद ही पूरी तरह से कानूनी रूप ले सकेगा। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्तमान वार्ता का मुख्य और एकमात्र फोकस क्षेत्र में जारी युद्ध को तत्काल प्रभाव से समाप्त करना, समुद्री व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों को रोकना और ईरान पर लगे कुछ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील पाना है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रहस्यमयी चुप्पी और आईआरजीसी का रुख

इस पूरे शांति संदेश और समझौते के मसौदे में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इसमें ईरान के सबसे विवादित परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) का कोई जिक्र या चर्चा नहीं की गई है। इस रहस्यमयी चुप्पी के बीच ईरान की शक्तिशाली सैन्य शाखा ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) ने ट्रंप के इस शांति के दावे को केवल एक राजनीतिक “प्रचार” और प्रोपेगैंडा करार दिया है। आईआरजीसी के शीर्ष नेतृत्व ने साफ शब्दों में कहा कि तेहरान की ओर से अभी तक अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी प्रकार का कोई नया समझौता नहीं किया गया है और न ही वैश्विक ताकतों के सामने ऐसी कोई प्रतिबद्धता जताई गई है।

शांति प्रयासों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और अगले दौर की मेजबानी की इच्छा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सकारात्मक कदमों का पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी स्वागत किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उम्मीद जताई है कि अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का अगला और बेहद महत्वपूर्ण दौर जल्द ही पाकिस्तान की मेजबानी में आयोजित हो सकता है। प्रधानमंत्री शरीफ ने इस जटिल अंतरराष्ट्रीय विवाद को सुलझाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने ट्रंप की इस पहल को दुनिया में अमन-चैन कायम करने की दिशा में एक असाधारण और ऐतिहासिक प्रयास बताया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बड़ी राहत मिल सकती है।

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