Djibouti Boat Accident: जिबूती तट पर नाव डूबने से 109 की मौत, 116 लोग लापता

अफ्रीकी देश जिबूती के तट पर यमन जा रही प्रवासियों से भरी नाव डूब गई। हादसे में 15 बच्चों समेत 109 लोगों की मौत हुई, जबकि 116 लोग लापता हैं। 80 यात्रियों को बचाया गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने घटना की पुष्टि की है। बचाव अभियान अभी जारी है।

Djibouti Boat Accident

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 12, 2026

Djibouti Boat Accident : पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी एक नाव डूबने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 15 बच्चों समेत कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई, जबकि 116 अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। नाव में 300 से अधिक यात्री सवार थे और वे समुद्र के रास्ते यमन की ओर जा रहे थे। इस दर्दनाक घटना की जानकारी अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने दी है। हादसे के बाद लापता यात्रियों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

305 यात्रियों को लेकर यमन जा रही थी नाव

आईओएम के अनुसार, नाव जिबूती के तट से लगभग 305 यात्रियों को लेकर यमन के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान गुरुवार देर रात या शुक्रवार सुबह नाव समुद्र में डूब गई। हादसे के बाद समुद्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में यात्री लापता हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव दल ने अभियान शुरू किया और अब तक 80 लोगों को सुरक्षित निकालने की जानकारी दी गई है।

116 लोग अब भी लापता, तलाश अभियान जारी

हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता उन 116 लोगों को लेकर है, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। बचाव दल समुद्र में उनकी तलाश कर रहा है। हालांकि, लंबे समय तक लापता रहने और समुद्र की परिस्थितियों को देखते हुए उनके जीवित मिलने की उम्मीद कम जताई जा रही है। फिर भी राहतकर्मी खोज अभियान में जुटे हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर समुद्री रास्तों से दूसरे देशों में जाने वाले प्रवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अफ्रीका से खाड़ी देशों तक जोखिम भरा रास्ता

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के मुताबिक, हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र से हर साल हजारों प्रवासी सुरक्षा, रोजगार और बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में यात्रा करते हैं। इनमें से कई लोग जिबूती के रास्ते बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार करके यमन और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस मार्ग पर समुद्री यात्रा बेहद जोखिम भरी होती है। कई बार क्षमता से अधिक यात्रियों को नावों में बैठाया जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

यमन में संघर्ष के बावजूद नहीं रुक रहा पलायन

यमन लंबे समय से संघर्ष और अस्थिरता का सामना कर रहा है। वहां यमन सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई ने हालात को जटिल बना दिया है। इस संघर्ष में क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका भी रही है। इसके बावजूद बेहतर जीवन और रोजगार की उम्मीद में प्रवासियों का आना-जाना जारी है। इस बार भी इसी रास्ते पर हुई दुर्घटना ने प्रवासियों के सामने मौजूद खतरों को उजागर किया है।

आईओएम ने जताया दुख

जिबूती में आईओएम के प्रमुख अलेक्जेंडर कोइसैक ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इस घटना में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी फिर याद दिलाती है कि आर्थिक अवसरों की तलाश में इस मार्ग पर यात्रा करने वाले प्रवासियों को कितने गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है। यह हादसा समुद्री मार्गों पर सुरक्षित यात्रा, मानव तस्करी की रोकथाम और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को सामने लाता है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है और मृतकों की संख्या तथा बचाव अभियान से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है।

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