Flight Fare: वाराणसी आने वाली उड़ानों का किराया बढ़ा, कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर होगा महंगा

Flight Fare: त्योहारी सीजन में घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों की इस बार जेब बार बड़ा असर पड़ने वाला है. दीपावली और छठ पूजा के आसपास वाराणसी आने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया काफी ज्यादा बढ़ गया है. उपलब्ध किराया जानकारी के अनुसार, कुछ रूटों पर सामान्य दिनों की तुलना में टिकट दो से तीन गुना तक महंगे हो गए हैं. उड़ानों की बढ़ती मांग बताते चले कि, त्योहारी सीजन में दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले लोग अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए घर लौटते है. ऐसे में उड़ानों की बढ़ती मांग और

Flight Fare

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 10, 2026

Flight Fare: त्योहारी सीजन में घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों की इस बार जेब बार बड़ा असर पड़ने वाला है. दीपावली और छठ पूजा के आसपास वाराणसी आने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया काफी ज्यादा बढ़ गया है. उपलब्ध किराया जानकारी के अनुसार, कुछ रूटों पर सामान्य दिनों की तुलना में टिकट दो से तीन गुना तक महंगे हो गए हैं.

उड़ानों की बढ़ती मांग

उड़ानों की बढ़ती मांग

बताते चले कि, त्योहारी सीजन में दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले लोग अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए घर लौटते है. ऐसे में उड़ानों की बढ़ती मांग और सीमित सीटों के कारण यात्रियों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है। एयरलाइंस अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की मांग में और बढ़ोतरी होने पर किराये में भी इजाफा हो सकता है।

वाराणसी आने वाली फ्लाइट का कितना किराया बढ़ा?

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, विजयवाड़ा और अन्य शहरों के लिए विमान सेवाएं संचालित होती हैं। सामान्य दिनों में इन रूटों पर आने का किराया अपेक्षाकृत कम रहता है, लेकिन त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से टिकट महंगे हो रहे हैं।

वाराणसी आने वाली फ्लाइट का कितना किराया बढ़ा?

सामान्य दिनों में दिल्ली से वाराणसी का किराया लगभग 4,000 से 5,000 रुपये, मुंबई से 5,000 से 6,000 रुपये, अहमदाबाद से 7,000 से 8,000 रुपये, चेन्नई से 8,000 से 9,000 रुपये और बेंगलुरु से 9,000 से 10,000 रुपये के आसपास बताया गया है।

चेन्नई और अहमदाबाद से वाराणसी की सीटें फुल

    त्योहारी सीजन में चेन्नई और अहमदाबाद से वाराणसी आने वाले यात्रियों को टिकट मिलने में परेशानी हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 5 नवंबर को चेन्नई से वाराणसी आने वाली उड़ानों में सीटें उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर करना पड़ सकता है, जिसके लिए लगभग 20,000 से 35,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।

    चेन्नई और अहमदाबाद से वाराणसी की सीटें फुल

    इसी तरह अहमदाबाद से वाराणसी आने वाली उड़ानों में भी सीटों की कमी बताई गई है। इस रूट पर वापसी के लिए यात्रियों को करीब 21,000 से 28,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि, वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, एयरलाइन और सीटों की उपलब्धता के आधार पर बदल सकता है।

    शारजाह से वाराणसी आने वालों को भी महंगा टिकट

      अंतरराष्ट्रीय रूट पर भी त्योहारी सीजन का असर दिखाई दे रहा है। शारजाह से वाराणसी आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान में सीटों की उपलब्धता सीमित होने की जानकारी है। ऐसे यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर करने पर करीब 22,000 से 24,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।

      एक विकल्प के तौर पर यात्री शारजाह से दिल्ली पहुंचकर वहां से वाराणसी की उड़ान ले सकते हैं। हालांकि, इस रास्ते में अतिरिक्त समय लगेगा और कुल खर्च भी कनेक्टिंग फ्लाइट के किराये पर निर्भर करेगा।

      बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली से वाराणसी का किराया

        त्योहारी सीजन के दौरान वाराणसी आने वाली उड़ानों के लिए बताए गए संभावित किराये इस प्रकार हैं:

        • बेंगलुरु से वाराणसी: 15,000 से 22,000 रुपये
        • मुंबई से वाराणसी: 13,000 से 18,000 रुपये
        • दिल्ली से वाराणसी: 12,000 से 16,000 रुपये
        • कोलकाता से वाराणसी: 8,000 से 11,000 रुपये
        • विजयवाड़ा से वाराणसी: 11,000 से 14,000 रुपये

        ये किराये उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। टिकट बुक करने से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या अधिकृत बुकिंग प्लेटफॉर्म पर ताजा कीमत जरूर जांचें।

        दिवाली-छठ पर ट्रेनें भी फुल, तत्काल टिकट का विकल्प

        दिवाली-छठ पर ट्रेनें भी फुल, तत्काल टिकट का विकल्प

        हवाई किराया बढ़ने के साथ रेल यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है। दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु से वाराणसी आने वाली कई ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। कुछ ट्रेनों में टिकट बुकिंग के दौरान ‘रिग्रेट’ या ‘नो रूम’ की स्थिति दिखाई दे रही है। इसका मतलब है कि संबंधित श्रेणी में कन्फर्म टिकट, आरएसी और वेटिंग लिस्ट की निर्धारित क्षमता पूरी हो चुकी है। ऐसे यात्रियों के पास तत्काल टिकट का विकल्प हो सकता है, लेकिन इसमें भी सीट मिलने की गारंटी नहीं होती। त्योहारों पर अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनें भी यात्रियों के लिए अहम विकल्प बन सकती हैं।

        त्योहार पर घर जाने से पहले क्या करें?

        दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग तारीखों और वैकल्पिक रूटों का किराया जांच लें। कनेक्टिंग फ्लाइट लेते समय दोनों उड़ानों के बीच पर्याप्त समय रखें और सामान की बुकिंग से जुड़ी शर्तें भी समझें।

        ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं होने पर वैकल्पिक स्टेशन, दूसरी तारीख या बस सेवाओं की जानकारी ली जा सकती है। त्योहारी सीजन में समय रहते योजना बनाने से अतिरिक्त खर्च और आखिरी समय की परेशानी को कम किया जा सकता है।