Divya Mittal Politics Entry : उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद अपनी नई राजनीतिक पारी का ऐलान कर दिया है। 29 सितंबर को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राजनीति में प्रवेश करेंगी और अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करेंगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने और उनकी आवाज को सामने रखने का रहेगा।
किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार
दिव्या मित्तल ने फिलहाल किसी स्थापित राजनीतिक दल के साथ जुड़ने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी के झंडे के नीचे राजनीति करने के बजाय लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहती हैं। उनके इस ऐलान के बाद अब यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि वह आने वाले समय में अपना राजनीतिक संगठन किस तरह तैयार करती हैं और किस क्षेत्र से सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

उत्तर प्रदेश को बताया अपनी कर्मभूमि
अपने संदेश में दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा इसी राज्य से शुरू होगी। उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों सहित समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़ने की अपील की। उनका कहना है कि राजनीति में आम नागरिकों से जुड़े सवालों को प्रमुखता मिलनी चाहिए और जनता की भागीदारी से ही बदलाव की दिशा तय हो सकती है।
‘हिसाब मांगने’ की राजनीति पर जोर
राजनीति में प्रवेश के साथ दिव्या मित्तल ने ‘चलिए हिसाब मांगते हैं’ का संदेश सामने रखा है। उन्होंने जवाबदेही और आम लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को अपनी राजनीतिक यात्रा का हिस्सा बनाने की बात कही। सरकारी स्कूलों, सड़कों, पुलों और सरकारी जमीन जैसे सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने जवाबदेही की जरूरत बताई है।

सत्ता और व्यवस्था को लेकर सवाल
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता और राजनीतिक शोर के बीच सोच तथा जवाबदेही के मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चुनावों में इस्तेमाल होने वाले धन और सार्वजनिक संसाधनों के बीच संबंध को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन टिप्पणियों को उनके व्यक्तिगत राजनीतिक विचारों के रूप में देखा जाना चाहिए।
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। pic.twitter.com/mtS6gzBzRw
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 29, 2026
जाति और धर्म की राजनीति पर भी टिप्पणी
पूर्व IAS अधिकारी ने जाति और धर्म आधारित राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान नागरिकों के साथ काम करते हुए उनकी जाति या धर्म को प्राथमिक आधार नहीं बनाने का उल्लेख किया। उनका कहना है कि राजनीति में भी नागरिकों की समस्याओं और जरूरतों को केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने सामूहिक भागीदारी को अपनी प्रस्तावित राजनीतिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

सोशल मीडिया के जरिए जनता से संपर्क
दिव्या मित्तल ने लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। उन्होंने अपने संदेश में लोगों से जुड़ने और अपनी बात साझा करने की अपील की। इससे संकेत मिलता है कि उनकी राजनीतिक गतिविधियों के शुरुआती चरण में डिजिटल प्लेटफॉर्म जनता तक पहुंच बनाने का एक प्रमुख माध्यम हो सकते हैं।
13 साल की सेवा के बाद छोड़ी IAS
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने उनका इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार किया और यह 15 सितंबर से प्रभावी हुआ। इस्तीफे के समय उन्होंने निजी कारणों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जीवन के नए लक्ष्यों का उल्लेख किया था।
अब राजनीतिक रणनीति पर रहेगी नजर
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक यात्रा शुरू करने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी उनके संभावित चुनाव क्षेत्र, संगठनात्मक ढांचे या चुनाव लड़ने की योजना को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक गतिविधियां किस रूप में आगे बढ़ती हैं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल उनका स्पष्ट संदेश जनता से जुड़ने, जवाबदेही के सवाल उठाने और किसी स्थापित राजनीतिक दल से अलग रहकर राजनीति शुरू करने का है।
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