UP Politics: IAS की नौकरी छोड़ राजनीति में आईं दिव्या मित्तल, नई पार्टी ‘जननीति भारत’ का ऐलान

IAS अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में कदम रखते हुए अपनी नई पार्टी ‘जननीति भारत’ का ऐलान किया है। उन्होंने चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ किसानों, छोटे व्यापारियों, महिला सुरक्षा और जनता की भागीदारी को प्राथमिकता देने की बात कही। इससे पहले अखिलेश यादव और राजा भैया की पार्टी से जुड़ने की चर्चा भी हुई थी।

UP Politics

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

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UP Politics: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखने वाली पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जननीति भारत’ के गठन का ऐलान कर दिया है। सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्होंने अपनी इस नई राजनीतिक पारी की आधिकारिक घोषणा की।

सोशल मीडिया पर लाइव आकर किया बड़ा ऐलान

सोशल मीडिया पर लाइव आकर किया बड़ा ऐलान

बताते चले कि, दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर चुनाव लड़ने की घोषणा की। दिव्या मित्तल ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में राजनीति आम लोगों पर राज करती है, लेकिन उनकी पार्टी में जनता की चलेगी। उन्होंने किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं की सुरक्षा और आम लोगों की जरूरतों को अपनी राजनीति का केंद्र बनाने की बात कही।

दिव्या मित्तल की नई पार्टी जननीति भारत का क्या है एजेंडा?

आपको बता दे कि, दिव्या मित्तल ने अपनी नई पार्टी के तीन वचनों के जरिए बताया कि उनकी राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। उनका कहना है कि देश की नीतियां आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके अनुभवों और सुझावों के आधार पर तलाशा जाएगा।

इसी कड़ी में आगे, उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में जाति, धर्म या पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा को भी पार्टी के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि योजनाएं बनाने से लेकर उन्हें लागू करने तक पारदर्शिता बनी रहे।

‘राजनीति आप पर राज करती है, जननीति में राज आपका होगा’

नई पार्टी की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को राजनीति में सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीतियां बनाने और विकास से जुड़े फैसलों में भी उनकी भागीदारी होनी चाहिए।‘जननीति भारत’ के जरिए उन्होंने जनता की जरूरतों को प्राथमिकता देने वाली राजनीति का संदेश दिया है। हालांकि, पार्टी किन सीटों से चुनाव लड़ेगी और उम्मीदवारों का चयन कैसे होगा, इसे लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि दिव्या मित्तल अपनी इस नई राजनीतिक पहल को जमीन पर किस तरह आगे बढ़ाती हैं।

राजा भैया और सपा के ऑफर की चर्चाओं के बीच खुद की पार्टी का गठन

दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की चर्चा के बीच पहले उन्हें दूसरी राजनीतिक पार्टियों से जुड़ने के प्रस्ताव दिए जाने की बात भी सामने आई थी। राजा भैया की जनसत्ता दल की ओर से उन्हें पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा हुई थी।

राजा भैया और सपा के ऑफर की चर्चाओं के बीच खुद की पार्टी का गठन

वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक सवाल के जवाब में दिव्या मित्तल को सपा में शामिल होने का ऑफर दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अब दिव्या मित्तल को तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनेंगी या लाल गमछा। अब अपनी अलग पार्टी बनाने के ऐलान के बाद दिव्या मित्तल ने फिलहाल अपनी राजनीतिक राह खुद चुनने का संकेत दिया है।

13 साल की IAS सेवा के बाद दिव्या मित्तल ने क्यों छोड़ी नौकरी?

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद उन्होंने अपनी इच्छा से नौकरी छोड़कर राजनीति में आने का फैसला किया। वह मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं।

13 साल की IAS सेवा के बाद दिव्या मित्तल ने क्यों छोड़ी नौकरी?

प्रशासनिक सेवा के दौरान उनकी पहचान सख्त कार्यशैली और फैसलों को लेकर चर्चा में रहने वाली अधिकारी के रूप में बनी। मिर्जापुर में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेदों की चर्चाएं भी सामने आती रही थीं। हालांकि, अब उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर सीधे राजनीतिक मैदान में उतरने का फैसला किया है।

IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई, फिर IAS और अब राजनीति

दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें वापस भारत ले आई। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा में कदम रखा और आईएएस अधिकारी बनी। नौकरी छोड़ने की जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह अपनी 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा यात्रा को अपनी इच्छा से विराम दे रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले प्यार, सम्मान और सहयोग के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों का आभार भी जताया था।

अब दिव्या मित्तल की नई पार्टी ‘जननीति भारत’ के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने विचारों को जनता तक पहुंचाने और उन्हें चुनावी समर्थन में बदलने की होगी। उनकी पार्टी का चुनावी प्रदर्शन कैसा रहता है और जनता उनके तीन वचनों पर कितना भरोसा जताती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।