राज्य आनंद संस्थान की आनंद सभा में मानवीय मूल्यों पर मंथन, शिक्षकों से सेतु बनने का आहवान

भोपाल  राज्य आनंद संस्थान में आयोजित “आनंद सभा” के दौरान संस्थान के डायरेक्टर  सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि जीवन में केवल सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं। “समझ, संबंध और सुविधा” ये तीनों मिलकर ही एक मानवीय समाज का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि समझ और संबंध ही मानवीय मूल्यों की वास्तविक आधारशिला हैं।  आर्य ने प्रतिभागियों को आत्मीयता, विश्वास और मानवीय व्यवहार के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी से संवेदनशील भूमिका निभाने का आह्वान किया। लोक शिक्षण संचालनालय के संयुक्त संचालक  एच.एन. नेमा ने कहा कि पहले शिक्षक विद्यार्थियों और अभिभावकों से

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल 

राज्य आनंद संस्थान में आयोजित “आनंद सभा” के दौरान संस्थान के डायरेक्टर  सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि जीवन में केवल सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं। “समझ, संबंध और सुविधा” ये तीनों मिलकर ही एक मानवीय समाज का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि समझ और संबंध ही मानवीय मूल्यों की वास्तविक आधारशिला हैं।

 आर्य ने प्रतिभागियों को आत्मीयता, विश्वास और मानवीय व्यवहार के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी से संवेदनशील भूमिका निभाने का आह्वान किया।

लोक शिक्षण संचालनालय के संयुक्त संचालक  एच.एन. नेमा ने कहा कि पहले शिक्षक विद्यार्थियों और अभिभावकों से आत्मीय संवाद बनाए रखते थे, जिससे समाज में विश्वास का वातावरण बनता था। उन्होंने आत्म-अवलोकन पर जोर देते हुए शिक्षकों से आग्रह किया कि वे केवल औपचारिक नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में सेतु की भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक शंकर खत्री ने भी अपने विचार व्यक्त किए। “आनंद सभा” में उपस्थित शिक्षकों और प्रतिभागियों ने मानवीय मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

 

Leave a Comment

2