झारखंड वोटर लिस्ट में 4.45 लाख नामों में गड़बड़ी, नोटिस भेजकर होगी सुनवाई

रांची  झारखंड में एसआईआर को लेकर मैपिंग का काम खत्म होने के बाद प्रारूप वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया गया। प्रारूप मतदाता सूची में शामिल 16,52,203 वोटरों में से 4,45,901 वोटरों के नाम, उम्र, पिता के नाम समेत अन्य तरह की विसंगतियां पाई गई हैं। अब इन वोटरों को जिला निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। जिन वोटरों को नोटिस भेजा जा रहा है, वह इन गलतियों को सुधारने के लिए दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल होंगे। आइए जानते हैं चुनाव आयोग ने क्या कहा है। जिला निर्वाचन विभाग ने जिले के 50 अधिकारियों को सुनवाई

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Published On :

सितम्बर 1, 2026

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रांची 
झारखंड में एसआईआर को लेकर मैपिंग का काम खत्म होने के बाद प्रारूप वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया गया। प्रारूप मतदाता सूची में शामिल 16,52,203 वोटरों में से 4,45,901 वोटरों के नाम, उम्र, पिता के नाम समेत अन्य तरह की विसंगतियां पाई गई हैं। अब इन वोटरों को जिला निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। जिन वोटरों को नोटिस भेजा जा रहा है, वह इन गलतियों को सुधारने के लिए दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल होंगे। आइए जानते हैं चुनाव आयोग ने क्या कहा है।

जिला निर्वाचन विभाग ने जिले के 50 अधिकारियों को सुनवाई के काम में लगाया है। नगर निगम, जिला प्रशासन से लेकर लगभग सभी सरकारी विभाग के अधिकारी और कर्मी एसआईआर की सुनवाई में लगे हुए हैं। चार-पांच बूथों को मिलाकर एक जगह केंद्र बनाया गया है, वहीं अधिकारी बैठकर सुनवाई कर रहे हैं। लोग वोटर लिस्ट में हुई गलतियों को सुधारने के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक गलती नाम की स्पेलिंग को लेकर है। इससे संबंधित मैट्रिक का प्रमाणपत्र देकर नाम सुधारा जा रहा है। जिनके पास नोटिस पहुंच रहा है, सिर्फ उन्हें अपने दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल होना है।
नो मैपिंग की श्रेणी में आनेवाले वोटरों को नोटिस

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वैसे मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, जो मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में नो-मैपिंग की श्रेणी में पाए गए हैं अथवा जिनकी मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है। सुनवाई का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के दावों का नियमानुसार सत्यापन करते हुए मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित 12 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज के माध्यम से अपनी पात्रता प्रमाणित करने का अवसर दिया जा रहा है। दस्तावेजों के परीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन के उपरांत पात्र मतदाताओं के नाम एवं विवरण को नियमानुसार मतदाता सूची में सुरक्षित एवं अद्यतन रखने की कार्रवाई की जा रही है।
गोविंदपुर में 27 हजार वाटरों के नाम हटाए

गोविंदपुर। गोविंदपुर प्रखंड में 27,301 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे कुल वोटरों की संख्या 2,32,993 से घटकर 2,05,693 रह गई है। 38,954 मतदाताओं के नाम विसंगति सूची में डाले गए हैं। बीडीओ जहीर आलम और सीओ यशवंत कुमार सिन्हा ने बताया कि मृत, स्थायी रूप से शिफ्ट, दोहरी प्रविष्टि वाले या नोटिस पर हस्ताक्षर न करने वाले मतदाताओं के नाम जांच के बाद हटाए गए हैं।

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