Digvijaya Singh News: मंदिर चंदे में घोटाला? ट्रस्ट पर बरसे दिग्विजय, बोले- दोषियों को जेल भेजकर दम लूंगा

राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चंदा चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करने का ऐलान किया है। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 3, 2026

Digvijaya Singh News: भोपाल में आयोजित महिला कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर तीखा सियासी हमला किया है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए स्पष्ट किया कि इस लड़ाई का श्रेय किसी राजनीतिक दल को नहीं, बल्कि देश के संतों और विभिन्न मठों को जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा के मात्र दो सांसद थे, तब उन्हें भगवान राम की याद आई थी। सिंह का आरोप है कि भाजपा और आरएसएस धर्म को एक व्यापार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं पर कानूनी कार्यवाही का ऐलान

बताते चले कि, दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के माध्यम से चंदे के नाम पर हुई लूट का इस्तेमाल विधायकों और सांसदों को खरीदने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने अयोध्या जाकर मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की बात कही है। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में चुप्पी साधने के बजाय सीधे अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करने जा रहे हैं।

चंपत राय और अनिल मिश्रा पर निशाना

इस कथित चंदा चोरी के मामले में दिग्विजय सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, तो अब तक इनके खिलाफ कोई प्राथमिकी (FIR) क्यों दर्ज नहीं की गई? उन्होंने कोषाध्यक्ष महंत गोविंद गिरि पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए था। सिंह ने इस पूरी व्यवस्था को आस्था का अपमान और सरकारी संरक्षण में चल रहा खेल करार दिया।

‘चंदा वापसी की मांग और शंकराचार्य के मठ को दान का विकल्प’

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे खुलासा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर एक वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर से सलाह ली है। वे 5-6 जुलाई को अपने वकील के साथ अयोध्या पहुंचकर औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराएंगे। उनकी मांग है कि मंदिर के नाम पर ठगे गए चंदे के पैसे को वापस किया जाए ताकि उसे शंकराचार्य के मठ या रामालय ट्रस्ट में जमा किया जा सके। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे इस कानूनी लड़ाई को अंतिम अंजाम तक ले जाएंगे और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर दम लेंगे।

महाकाल मंदिर और धार्मिक ट्रस्टों की पारदर्शिता पर सवाल

राम मंदिर के अलावा, दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भी भ्रष्टाचार होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चंदे का प्रबंधन हो रहा है, उसे देखते हुए महाकाल मंदिर में भी वित्तीय अनियमितताओं से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सत्ताधारी दल पर मंदिरों को कमाई का जरिया बनाने और धार्मिक चंदे को अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए खर्च करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह बयान भाजपा के लिए नई राजनीतिक मुसीबत खड़ी कर सकता है।