Dhirendra Shastri on Magh Mela: प्रयागराज विवाद पर बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री- ‘सोशल मीडिया छोड़ रियल लाइफ में आएं युवा’

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दोनों पक्षों से संवाद के जरिए समाधान निकालने और सनातन धर्म की गरिमा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के जाल से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन और गौ सेवा से जुड़ने का संदेश दिया।

Dhirendra Shastri on Magh Mela

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 24, 2026

Dhirendra Shastri on Magh Mela: प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच उपजा गतिरोध अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए दोनों पक्षों से शांति और संवाद का मार्ग चुनने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन धर्म के भीतर के अंतर्विरोध बाहरी ताकतों को उपहास करने का अवसर प्रदान करते हैं।

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सनातन धर्म की प्रतिष्ठा और आपसी संवाद पर जोर

बताते चले कि, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वर्तमान विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें शामिल दोनों पक्ष—संत समाज और प्रशासन—हमारे अपने ही हैं। उन्होंने जोर दिया कि जब घर के लोग सार्वजनिक रूप से आपस में उलझते हैं, तो इससे धर्म की गरिमा को ठेस पहुँचती है। शास्त्री के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में जो ‘हास्य-परिहास’ (मजाक) सोशल मीडिया पर चल रहा है, वह सनातन परंपरा के लिए उचित नहीं है। उन्होंने दोनों पक्षों को सुझाव दिया कि एक मेज पर बैठकर शालीनता से चर्चा की जाए ताकि विवाद का सम्मानजनक समाधान निकल सके।

युवाओं को आध्यात्मिक संदेश

कोटा में आयोजित अपनी कथा के दौरान, धीरेंद्र शास्त्री ने ‘जेन-जी’ (Gen Z) और आगामी पीढ़ियों को जीवन के वास्तविक मूल्यों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा सोशल मीडिया के आभासी जाल में फंसकर अपने संस्कारों को भूलता जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल स्क्रीन की दुनिया से बाहर निकलें और अपने परिवार व धरातल की समस्याओं पर ध्यान दें। उनके अनुसार, परिवार को समय देना और अपनी जड़ों से जुड़ना ही एक मजबूत समाज का आधार है।

गौ संरक्षण का नया संकल्प

गौ माता की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए बागेश्वर धाम सरकार ने एक क्रांतिकारी विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी गौशालाओं के भरोसे गायों का संरक्षण संभव नहीं है। इसके समाधान के रूप में उन्होंने “एक हिंदू, एक गाय” का नारा दिया। धीरेंद्र शास्त्री ने आह्वान किया कि यदि प्रत्येक सनातनी परिवार कम से कम एक गाय पालने या उसकी सेवा का संकल्प ले, तो समाज में गौ माता की स्थिति में स्वतः सुधार आ जाएगा। उन्होंने इस परंपरा को पुनर्जीवित करने पर बल दिया।

प्रशासनिक तालमेल और संत सम्मान

समापन संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने प्रशासन और संतों, दोनों को लचीला रुख अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन को संतों की गरिमा और उनकी आवश्यकताओं का पूर्ण सम्मान करना चाहिए, वहीं संतों को भी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्रशासनिक सीमाओं को समझना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष मिलकर बीच का रास्ता निकालेंगे ताकि माघ मेले की पवित्रता और शांति बनी रहे।

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