Bengal News: दुर्गा पूजा में मांसाहार पर धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, बंगाल की सियासत गरम

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा पंडालों और देवी प्रतिमा के आसपास नॉन-वेज भोजन न बनाने और न बेचने की अपील की। उन्होंने बंगाल के हिंदुओं से नवरात्रि मनाने की बात कही। इस पर TMC नेता मदन मित्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि बंगाल में वही होगा जो बंगाली जनता चाहेगी।

Bengal News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 7, 2026

Bengal News: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन की बिक्री और सेवन को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पंडालों के पीछे या देवी दुर्गा की प्रतिमाओं के आसपास नॉन-वेज भोजन बनाया जाना, बेचा जाना या खाया जाना उन्हें पसंद नहीं है। उनके इस बयान के बाद बंगाल में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

कोलकाता में धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा पर की अपील

बताते चले कि, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के हावड़ा में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इसी दौरान उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों और देवी प्रतिमा के आसपास मांसाहारी भोजन से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन के स्थान के आसपास इस तरह के भोजन की बिक्री या सेवन उन्हें उचित नहीं लगता।

दुर्गा प्रतिमा के आसपास नॉन-वेज पर जताई नाराजगी

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि दुर्गा पूजा पंडालों के पीछे या देवी की प्रतिमा के आसपास नॉन-वेज और अन्य तरह के भोजन का बनाया जाना, बेचा जाना या खाया जाना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की और धार्मिक आयोजन के दौरान मर्यादा बनाए रखने की बात कही।

बंगाल के हिंदुओं से नवरात्रि मनाने की अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल में रहने वाले हिंदू समुदाय से नवरात्रि के नियमों का पालन करने और नवरात्रि मनाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि देवी की प्रतिमा के आसपास मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाना चाहिए और न ही इसकी बिक्री होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों के बहिष्कार की बात भी कही, जो उनकी अपील के मुताबिक धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं करते।

कथावाचक ने इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ खान-पान की मर्यादा को जोड़ते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति देवी प्रतिमा के आसपास नॉन-वेज भोजन बनाता या बेचता है, तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को धार्मिक नहीं बल्कि पाखंडी कहे जाने की बात कही।

हनुमंत कथा में मोबाइल टॉर्च जलाकर मिला समर्थन

धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान मौजूद लोगों से इस मुद्दे पर समर्थन भी मांगा। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी बात से सहमत हैं, वे अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर समर्थन जताएं। इसके बाद कथा पंडाल में मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट या टॉर्च जलाकर उनके मुद्दे का समर्थन किया।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बंगाल की राजनीति गरमाई

धीरेंद्र शास्त्री की इस अपील के बाद मामला धार्मिक मंच से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायक मदन मित्रा ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में वही होगा जो बंगाली जनता चाहेगी। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर असहमति जताते हुए बंगाल की स्थानीय संस्कृति और खान-पान का हवाला दिया।

मदन मित्रा ने कहा कि उन्होंने पहले धीरेंद्र शास्त्री का नाम नहीं सुना था और उन्हें लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि बंगाल में किसी बाहरी व्यक्ति की इच्छा के मुताबिक चीजें तय नहीं होंगी। उनके मुताबिक बंगाल में वही होगा जो बंगाली लोग चाहेंगे। मदन मित्रा ने आगे कहा कि बंगाल में लोग मांस और मछली खाते हैं और ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा मंडप के भीतर मांसाहारी भोजन न खाने की बात अलग हो सकती है, लेकिन मंडप के बाहर लोग अपनी पसंद के मुताबिक मांस-मछली खाएंगे। इस बयान के साथ उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की अपील का खुलकर विरोध किया।

दुर्गा पूजा, आस्था और खान-पान पर नई बहस

धीरेंद्र शास्त्री और मदन मित्रा के बयानों के बाद दुर्गा पूजा में खान-पान और धार्मिक आस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ धार्मिक आयोजन के दौरान देवी प्रतिमा के आसपास मर्यादा और परंपरा बनाए रखने की अपील की जा रही है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खान-पान की संस्कृति और व्यक्तिगत पसंद का मुद्दा उठाया जा रहा है। अब देखना होगा कि यह बयान आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में कितना बड़ा मुद्दा बनता है।