
Dhirendra Shastri Controversy: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए उनके बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई थी। अब इस मामले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया है।
मनोज पांडेय ने सपा प्रमुख को सनातन विरोधी बताते हुए कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि अगर उन्हें भगवान कृष्ण से इतनी ही आस्था है तो वह मथुरा में भव्य कृष्ण मंदिर बनवाने की मांग क्यों नहीं करते? मंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने की उठाई थी मांग
दरअसल, अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि सच्चे सनातनियों को ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।
अखिलेश ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने की भी मांग की थी। उनका कहना था कि धर्म के नाम पर इस तरह की बयानबाजी समाज में गलत संदेश देती है। इसी बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम-कृष्ण वाले बयान पर मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने भावावेश में भगवान कृष्ण को उलाहना दिया था। उनका मकसद भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का भेदभाव करना नहीं था।धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर उनकी किसी बात से किसी की धार्मिक भावना आहत हुई है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। हालांकि, उनकी सफाई के बाद भी ब्रज क्षेत्र के संतों और कृष्ण भक्तों की नाराजगी का मुद्दा राजनीतिक बहस में बना हुआ है।
शिवपुरी की रामकथा में क्या बोले थे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?
यह पूरा विवाद 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आयोजित रामकथा से शुरू हुआ था। यहां धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए कहा था कि हमारे राम सीधे हैं, जबकि तुम्हारे कृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं।उन्होंने अयोध्या को सीधा और वृंदावन को टेढ़ा बताते हुए कहा था कि बांसुरी बजाना खेल है, लेकिन धनुष चलाना खेल नहीं। उनके इस बयान पर ब्रज के संतों और कृष्ण भक्तों ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद मामला धार्मिक बहस से निकलकर राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया।
विपक्ष पर रिजीम चेंज और तख्तापलट की राजनीति का आरोप
मनोज पांडेय ने सिर्फ अखिलेश यादव पर ही निशाना नहीं साधा, बल्कि विपक्ष की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष रिजीम चेंज और बांग्लादेश की तरह तख्तापलट की बातें करता है। उनके इस बयान को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सीधा हमला माना जा रहा है।
अन्नपूर्णा रसोई योजना: 18 जिलों में 5 रुपये में मिलेगा भोजन
राजनीतिक बयानबाजी के बीच लखनऊ में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने योगी सरकार की अन्नपूर्णा रसोई योजना की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश के 18 जिलों में ऐसी रसोई शुरू की जाएंगी, जहां लोगों को सिर्फ 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।इसके अलावा मुफ्त राशन वितरण में घटतौली की शिकायतों को रोकने के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने की बात कही। मंत्री ने यह भी बताया कि कोटेदारों को दीपावली से पहले उनका कमीशन देने की व्यवस्था की जाएगी।
फिलहाल धीरेंद्र शास्त्री के बयान से शुरू हुआ विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ अखिलेश यादव धार्मिक भावनाओं का मुद्दा उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी नेता उनके पुराने राजनीतिक रुख पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।











