Delhi Pollution: दिल्ली एक बार फिर जहरीले स्मॉग की गिरफ्त में है। गणतंत्र दिवस की तैयारियों के बीच राजधानी की हवा लगातार तीसरे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। मौसम की सुस्ती और गिरते तापमान ने प्रदूषक तत्वों को जमीन के करीब कैद कर दिया है, जिससे सांस लेना बेहद मुश्किल हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 375 दर्ज किया गया है, जबकि कई इलाकों में स्थिति ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच गई है।
Delhi Pollution: दिल्ली में फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण, ठंड ने भी दिखाया अपना रौद्र रूप
इलाकों में AQI की स्थिति

अलीपुर: 421 (गंभीर श्रेणी)
जहांगीरपुरी और वजीरपुर: 404 (गंभीर श्रेणी)
अन्य इलाके: दिल्ली के 39 में से अधिकांश केंद्रों पर हवा ‘बहुत खराब’ (301-400) श्रेणी में बनी हुई है।
इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘इमरजेंसी’ स्तर पर पहुंच चुकी है।
लो विजिबिलिटी और मौसम की मार
इंडिया गेट और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में घनी धुंध के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है और सड़क परिवहन से लेकर फ्लाइट ऑपरेशन तक में कठिनाइयां आ रही हैं। उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाओं की गति 8 किमी/घंटा से भी कम है। ठंडी और शांत हवा के कारण PM 2.5 जैसे महीन कण वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदूषण का असर और ज्यादा बढ़ गया है।
ठंड का दोहरा असर
जहरीली हवा के साथ-साथ दिल्ली में कड़ाके की ठंड ने भी दस्तक दे दी है। राजधानीवासी इस समय हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना कर रहे हैं। तापमान इस सीजन के न्यूनतम स्तर पर है और आने वाले दिनों में इसके और नीचे गिरने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों की सलाह
प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियां सख्त कर दी हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद भी रखना होगा।
N95 मास्क का प्रयोग: साधारण कपड़े के मास्क PM 2.5 कणों को नहीं रोक सकते। बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनना जरूरी है।
आउटडोर एक्सरसाइज से बचें: सुबह और शाम के समय पार्क में टहलने या भारी कसरत करने से बचना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा: अस्थमा या हृदय रोगियों को खिड़कियां बंद रखने और जरूरत पड़ने पर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
AQI का पैमाना

0-100: अच्छी/संतोषजनक – न्यूनतम प्रभाव
201-300: खराब – सांस लेने में तकलीफ
301-400: बहुत खराब – लंबे समय तक संपर्क में रहने पर फेफड़ों की बीमारी
401-500: गंभीर – स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करती है, मरीजों के लिए जानलेवा









