Delhi Master Plan 2047 जारी, 40 लाख नए घर और 695 किमी मेट्रो नेटवर्क का प्लान

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 का अनावरण कर दिया गया है। योजना के तहत करीब 40 लाख नए घर बनाने और मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक विस्तार देने का लक्ष्य है। 2047 तक दिल्ली की आबादी 3.2 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। योजना में परिवहन, किफायती आवास और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।

Delhi Master Plan 2047

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 20, 2026

Delhi Master Plan 2047 : दिल्ली के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा खाका पेश किया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ जारी किया। योजना का उद्देश्य राजधानी की बढ़ती आबादी के लिए आवास, परिवहन, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.20 करोड़ तक पहुंच सकती है। ऐसे में शहर पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए दीर्घकालिक विकास योजना तैयार की गई है।

40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य

मास्टर प्लान के तहत दिल्ली में बढ़ती आबादी की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब 30 से 40 लाख नए फ्लैट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का जोर किफायती आवास उपलब्ध कराने पर रहेगा, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को रहने के लिए बेहतर विकल्प मिल सकें। इसके साथ ही शहर के नियोजित विस्तार और उपलब्ध जमीन के बेहतर इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाएगा।

695 किलोमीटर तक बढ़ेगा मेट्रो नेटवर्क

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना भी मास्टर प्लान का प्रमुख हिस्सा है। योजना के अनुसार वर्ष 2047 तक दिल्ली का मेट्रो रेल नेटवर्क बढ़ाकर 695 किलोमीटर किया जाएगा। इसके अलावा बस सेवाओं को मजबूत करने और छह नए क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पर जोर

मास्टर प्लान में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके तहत मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप और अन्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास आवासीय क्षेत्रों के साथ कार्यालय, बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। इसका मकसद लोगों को घर से काम और परिवहन सुविधाओं तक बेहतर पहुंच देना तथा निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है।

फार्म हाउस को लेकर भी नई व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री के अनुसार कम आबादी वाले इलाकों में नए फार्म हाउस बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि दिल्ली में जमीन और संसाधनों का इस्तेमाल व्यवस्थित तरीके से किया जाना जरूरी है। नई योजना के तहत शहरी विकास को नियंत्रित करने के साथ-साथ उन क्षेत्रों में भी विकास की संभावनाएं तलाशने पर जोर रहेगा, जहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है।

कुछ इलाकों में इमारतों की ऊंचाई संबंधी नियम बदले

मास्टर प्लान में भवन निर्माण से जुड़े नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। मनोहर लाल ने बताया कि कुछ विशेष क्षेत्रों को छोड़कर इमारतों की ऊंचाई पर लगी पाबंदियां हटाई गई हैं। इससे दिल्ली में उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग संभव हो सकता है। हालांकि, संवेदनशील और विशेष क्षेत्रों में जरूरी नियम एवं प्रतिबंध लागू रहेंगे।

डेटा सेंटर और क्लाउड किचन को मिली नई पहचान

नई योजना में डेटा सेंटर, को-वर्किंग स्पेस और क्लाउड किचन जैसी आधुनिक आर्थिक गतिविधियों को नई अर्थव्यवस्था की श्रेणी में शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य बदलती तकनीक और रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप दिल्ली के शहरी ढांचे को तैयार करना है। इससे स्टार्टअप, डिजिटल कारोबार और सेवा क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यमुना और रिज क्षेत्र का संरक्षण भी प्राथमिकता

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मास्टर प्लान में महत्व दिया गया है। सरकार के मुताबिक यमुना के करीब 180 वर्ग किलोमीटर बाढ़ क्षेत्र और दिल्ली के रिज क्षेत्र को संरक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहरी विस्तार और पर्यावरणीय संतुलन के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। राजधानी के प्राकृतिक क्षेत्रों को सुरक्षित रखना भविष्य की योजना का अहम हिस्सा बताया गया है।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मनोहर लाल ने कहा कि मास्टर प्लान केवल नियमों और प्रतिबंधों पर आधारित नहीं होगा, बल्कि विकास को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्था पर जोर देगा। इसके जरिए निवेश, नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को आर्थिक रूप से मजबूत और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है।

विश्वस्तरीय दिल्ली बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली मास्टर प्लान 2047 राजधानी के विकास को नई दिशा देगा। किफायती आवास, बेहतर परिवहन और आधुनिक शहरी सुविधाओं के जरिए दिल्ली की तस्वीर बदलने की तैयारी है। केंद्र सरकार के अनुसार यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है और दिल्ली को विश्वस्तरीय, समावेशी तथा आर्थिक रूप से मजबूत महानगर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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