दिल्ली सरकार ने बदला SRDC का नाम, विरासत संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

नई दिल्ली  सदियों पुरानी गलियां, ऐतिहासिक इमारतें, भीड़भाड़ वाले बाजार और अनोखी सांस्कृतिक पहचान वाली पुरानी दिल्ली अब एक नए नाम और नई सोच के साथ आगे बढ़ने जा रही है। दिल्ली सरकार ने इस ऐतिहासिक इलाके के संरक्षण और विकास से जुड़े शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) का नाम बदलकर "इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम" (IVPN) कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव केवल नाम का नहीं, बल्कि दिल्ली की प्राचीन विरासत को नए नजरिए से आगे बढ़ाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का संकल्प है, "विरासत भी सुरक्षित, विकास भी तेज।" उनके

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जुलाई 9, 2026

नई दिल्ली
 सदियों पुरानी गलियां, ऐतिहासिक इमारतें, भीड़भाड़ वाले बाजार और अनोखी सांस्कृतिक पहचान वाली पुरानी दिल्ली अब एक नए नाम और नई सोच के साथ आगे बढ़ने जा रही है। दिल्ली सरकार ने इस ऐतिहासिक इलाके के संरक्षण और विकास से जुड़े शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) का नाम बदलकर "इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम" (IVPN) कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव केवल नाम का नहीं, बल्कि दिल्ली की प्राचीन विरासत को नए नजरिए से आगे बढ़ाने का प्रयास है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का संकल्प है, "विरासत भी सुरक्षित, विकास भी तेज।" उनके मुताबिक, पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को संजोते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि इतिहास, संस्कृति और विकास के बीच बेहतर संतुलन बनाकर पुरानी दिल्ली को देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जाए।

क्या है इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम?
इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम, जिसे पहले शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) कहा जाता था, पुरानी दिल्ली के संरक्षण और विकास के लिए बनाई गई सरकारी संस्था है। इसका काम ऐतिहासिक इमारतों, बाजारों और विरासत स्थलों को संवारने के साथ-साथ सड़क, पानी, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

नाम बदलने की वजह
    सरकार का कहना है कि "इंद्रप्रस्थ" दिल्ली की प्राचीन ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा नाम है।
    नए नाम के जरिए राजधानी की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को अधिक प्रमुखता देने की कोशिश की गई है।
    इस प्रस्ताव को एसआरडीसी बोर्ड की बैठक में मंजूरी दी गई, जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप दिया गया।

विकास कार्यों पर रहेगा जोर
    सरकार ने साफ किया है कि नाम बदलने के साथ-साथ पुरानी दिल्ली में चल रहे विकास कार्यों को भी तेज किया जाएगा।
    चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में विरासत संरक्षण, बेहतर सफाई, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    सरकार का लक्ष्य है कि पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक और सुविधाजनक बनाया जाए।

लोगों को क्या होगा फायदा?
    ऐतिहासिक धरोहरों का बेहतर संरक्षण होगा।
    स्थानीय लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।
    पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
    सरकार का मानना है कि विरासत और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।