Delhi Assembly: शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन ‘आप’ के 4 विधायक निलंबित, CM ने पेश किया विकास का रोडमैप

दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा सरकार का विकास रोडमैप पेश किया। हंगामे के कारण 'आप' के 4 विधायकों के निलंबन और विपक्षी वॉकआउट के बावजूद, सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रदूषण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए।

Delhi Assembly

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 10, 2026

Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को भारी राजनीतिक गहमागहमी और महत्वपूर्ण कार्यों के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा के चुनावी घोषणापत्र को हर हाल में लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और राजधानी के पुनरुद्धार के लिए अपनी सरकार का रोडमैप पेश किया।

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सत्र विस्तार और सत्ता पक्ष का विकास संकल्प

5 जनवरी से शुरू हुआ यह सत्र शुरुआती दिनों में हंगामे की भेंट चढ़ गया था, जिसे सार्थक चर्चा के लिए एक दिन बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि फरवरी में सरकार बनने के बाद दिल्ली के “अंधकार के युग” का अंत हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शॉर्ट टर्म और मिड टर्म योजनाओं के जरिए शहर को विकास की सही दिशा में मोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बजट की कमी के कारण अब कोई भी जनहित कार्य नहीं रुकेगा और सरकार के पास पर्याप्त पूंजीगत व्यय उपलब्ध है।

सदन में विपक्ष का विरोध और निलंबन की कार्रवाई

बताते चले कि, सत्र के आखिरी दिन भी आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों का कड़ा विरोध जारी रहा। सदन की मर्यादा भंग करने और अव्यवस्था फैलाने के आरोप में ‘आप’ के चार विधायकों—सोम दत्त, जरनैल सिंह, संजीव झा और कुलदीप कुमार को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके विरोध में विपक्षी दल ने वॉकआउट किया और सदन के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी की अनुपस्थिति और विपक्ष की उदासीनता पर कड़ा खेद व्यक्त किया।

प्रदूषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष बहस

धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान दिल्ली के गंभीर प्रदूषण मुद्दे पर तीखी बहस हुई। सत्ता पक्ष ने पिछली सरकार के अभियानों को केवल “प्रचार स्टंट” करार देते हुए अपनी 11 महीने की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों का दावा करते हुए बताया कि आयुष्मान योजना से 19 हजार लोगों का इलाज हुआ है और जल्द ही 1100 आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। साथ ही, मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि और अस्पतालों में नए ब्लॉक की शुरुआत को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया गया।

सदन में पारित विधेयक और विशेषाधिकार रिपोर्ट

सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए गए, जिनमें ‘कोर्ट फीस संशोधन’ और ‘जन विश्वास विधेयक’ का पारित होना प्रमुख रहा। इसके अतिरिक्त, ‘फांसी घर’ मामले में विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा समिति के समक्ष पेश न होने को सदन की अवमानना करार दिया गया। सदन ने कार्यमंत्रणा समिति के प्रतिवेदनों को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे का नया ब्लूप्रिंट

अंत में, सरकार ने शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट की। मंत्री ने कहा कि अब निजी और सरकारी स्कूलों के 36 लाख बच्चों के हितों की रक्षा सरकार करेगी। बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली की सभी सड़कों की री-कार्पेटिंग की जाएगी और डीटीसी बसों को पूरी तरह डिजिटल टिकट प्रणाली से लैस किया जाएगा। उपराज्यपाल के अभिभाषण को केवल कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि “डिलिवरी ओरिएंटेड” सरकार का खाका बताया गया।

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