Delhi Air Pollution: दिल्ली की हवा में मामूली सुधार, यमुना में फिर दिखी सफेद झाग की मोटी परत

दिल्ली की हवा में मामूली सुधार के बावजूद कई इलाकों में AQI 200 के पार पहुंच गया है। इसी बीच कालिंदी कुंज के पास यमुना में सफेद झाग की मोटी परत फिर दिखाई दी। आखिर नदी में झाग क्यों लौट रही है और प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयास कितने प्रभावी हैं?

Delhi Air Pollution

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 27, 2026

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Delhi Air Pollution : दिल्ली में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में मामूली बदलाव दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह आठ बजे राजधानी का AQI 168 रहा। यह स्तर ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि, राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 200 के पार पहुंच गया, जिससे वहां हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। ऐसे में राजधानी के लोगों को प्रदूषण से पूरी तरह राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

जहांगीरपुरी और रोहिणी में AQI 200 के पार

CPCB के अनुसार, सोमवार सुबह सात बजे दिल्ली का AQI 164 दर्ज किया गया था, जबकि मंगलवार सुबह यह 168 रहा। जहांगीरपुरी में AQI 251 दर्ज हुआ, जो राजधानी के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल रहा। रोहिणी में यह 237, आरके पुरम में 234 और द्वारका सेक्टर-8 में 223 दर्ज किया गया। बवाना में AQI 216, आईआईटी दिल्ली में 214 और आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर 211 रहा। इन सभी स्थानों पर हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।

कई इलाकों में मध्यम श्रेणी में रही हवा की गुणवत्ता

दिल्ली के दूसरे इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग रहा। पंजाबी बाग में AQI 200 दर्ज किया गया। आनंद विहार में यह 175, अलीपुर में 197, पटपड़गंज में 195 और चांदनी चौक में 198 रहा। वहीं, नरेला में AQI 129, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 146 और इग्नू मैदान, मैदानगढ़ी में 150 दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रही। आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में प्रदूषण का स्तर हर इलाके में समान नहीं है।

धूल प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों पर छिड़काव

राजधानी में धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन के जरिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता के आंकड़े दर्ज किए गए। नोएडा में AQI 143 और ग्रेटर नोएडा में 156 रहा। दोनों शहरों में हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। हालांकि, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी कदम उठाना जरूरी बना हुआ है।

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AQI की श्रेणियां क्या बताती हैं?

CPCB के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 तक AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 तक ‘संतोषजनक’ और 101 से 200 तक ‘मध्यम’ माना जाता है। 201 से 300 के बीच वायु गुणवत्ता ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में आती है। मुंबई में AQI 98 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में है, जबकि कलानगर के आसपास यह 139 रहा और हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज हुई।

कालिंदी कुंज के पास यमुना में फिर दिखी सफेद झाग

दिल्ली में वायु प्रदूषण की चिंता के बीच यमुना नदी में भी प्रदूषण का मुद्दा फिर सामने आया है। कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत तैरती दिखाई दी। नदी में झाग का दोबारा दिखना यमुना की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े करता है। यह दृश्य ऐसे समय सामने आया है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने पर ध्यान दिया जा रहा है।

यमुना पुनर्जीवन के प्रयासों के बीच बढ़ी चिंता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने लगभग 9,000 करोड़ रुपये की मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के उद्घाटन को दिल्लीवासियों के लिए खुशी का दिन बताया था। इसके कुछ दिनों बाद कालिंदी कुंज में फिर सफेद झाग दिखाई देने से नदी की सफाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब चुनौती यह है कि प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ यमुना की स्थिति में स्थायी सुधार कैसे सुनिश्चित किया जाए।

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