ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बहस तेज, खामेनेई के फतवे के बावजूद अमेरिका की बेचैनी क्यों?

तेहरान  ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने कहा कि सुप्रीम लीडर अली खामनेई के परमाणु हथियारों पर जारी फतवे के चलते ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार विकसित नहीं करेगा. ईरान की ओर से आया ये बयान साफ करता है कि वो अमेरिका के साथ किसी भी तरह की लड़ाई में पड़ने के मूड में नहीं है. हालांकि अमेरिका की तैयारी को देखते हुए ईरान ने भी अपनी पूरी तैयारी रखी हुई है लेकिन उसने साफ किया है कि उस पर बनाया जा रहा दबाव फालतू है. अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने दोहराया कि खामेनेई का स्पष्ट

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Published On :

मार्च 5, 2026

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तेहरान 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने कहा कि सुप्रीम लीडर अली खामनेई के परमाणु हथियारों पर जारी फतवे के चलते ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार विकसित नहीं करेगा. ईरान की ओर से आया ये बयान साफ करता है कि वो अमेरिका के साथ किसी भी तरह की लड़ाई में पड़ने के मूड में नहीं है. हालांकि अमेरिका की तैयारी को देखते हुए ईरान ने भी अपनी पूरी तैयारी रखी हुई है लेकिन उसने साफ किया है कि उस पर बनाया जा रहा दबाव फालतू है. अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने दोहराया कि खामेनेई का स्पष्ट ऐलान है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने गुरुवार को कहा कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, क्योंकि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पहले ही इस पर प्रतिबंध लगा चुके हैं. राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा -‘जब हमारे सर्वोच्च नेता घोषणा करते हैं कि हम परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे, तो इसका मतलब है कि हम उन्हें नहीं बनाएंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि किसी समाज का धार्मिक नेता राजनीतिक नेताओं की तरह झूठ नहीं बोल सकता.
परमाणु वार्ता से ठीक पहले आया बयान

यह बयान अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर तीसरे दौर की वार्ता से पहले आया है. अमेरिका लगातार ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है, जबकि तेहरान इन आरोपों से इनकार करता है. गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने 2000 के दशक की शुरुआत में एक फतवा जारी कर परमाणु हथियारों के विकास पर रोक लगा दी थी. ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.
ईरान ने पहले भी दी थी परमाणु कार्यक्रम घटाने की डील

ईरान और अमेरिका के बीच जेनेवा में तीसरे दौर की वार्ता से पहले ईरान के राष्ट्रपति ने ये बयान दिया है. इससे पहले दूसरी वार्ता के दौरान विदेश मंत्री ने अमेरिका के सामने प्रस्ताव रखा था कि अगर वो अपने सारे प्रतिबंध ईरान पर से हटा लेता है, तो वो अपने यूरेनियम संवर्धन को 60 फीसदी तक घटाने के लिए तैयार है. ताजा खबरें आईं कि ईरान इसे 3-4 फीसदी तक भी सीमित रखने को तैयार हो सकता है, जैसा साल 2015 की डील में हुआ था. हालांकि अमेरिका चाहता है कि वो इसे खत्म कर दे, जिसे लेकर दोनों में विवाद बना हुआ है.

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