DC vs GT: बुधवार रात आईपीएल के मैदान पर क्रिकेट का वो रोमांच देखने को मिला, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। एक समय पर जीत की तरफ बढ़ रही दिल्ली कैपिटल्स, अंतिम क्षणों में मिली रोमांचक हार के बाद स्तब्ध रह गई। गुजरात टाइटंस ने इस हाई-स्कोरिंग मैच को सिर्फ 1 रन से अपने नाम किया। मैच के नायक और खलनायक दोनों ही डेविड मिलर बने, जिन्होंने अपनी आतिशी पारी से उम्मीद तो जगाई, लेकिन अंतिम पलों में की गई एक रणनीतिक चूक ने पूरी बाजी पलट दी।
गुजरात का विशाल लक्ष्य और दिल्ली कैपिटल्स की ठोस शुरुआत
गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 210 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा (Run Chase) करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक बेहद शानदार रही। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और पथुम निसांका ने विपक्षी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पहले विकेट के लिए महज कुछ ही ओवरों में 76 रनों की साझेदारी कर डाली। निसांका ने जहाँ 24 गेंदों में 41 रनों की पारी खेली, वहीं राहुल ने 52 गेंदों में 92 रनों की क्लासिक पारी खेलकर मैच को दिल्ली की मुट्ठी में ला दिया था।
मध्यक्रम का चरमराना और मिलर की आतिशी बल्लेबाजी से वापसी
केएल राहुल के शानदार मंच तैयार करने के बावजूद, दिल्ली का मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। नितीश राणा (5), समीर रिज़वी (0), कप्तान अक्षर पटेल (2) और ट्रिस्टन स्टब्स (7) जैसे बड़े नाम सस्ते में पवेलियन लौट गए। ऐसा लग रहा था कि गुजरात मैच जीत चुका है, तभी डेविड मिलर का तूफान (Miller’s Explosive Innings) आया। मिलर ने मात्र 20 गेंदों में 3 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 41 रन ठोककर गुजरात के खेमे में खलबली मचा दी। 19वें ओवर में मोहम्मद सिराज के खिलाफ 23 रन बटोर कर मिलर ने समीकरण को अंतिम ओवर में जीत के लिए सिर्फ 13 रन तक ला खड़ा किया।
अंतिम ओवर का ड्रामा
अंतिम 6 गेंदों पर दिल्ली को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। विप्रज ने पहली गेंद पर चौका जड़ा, लेकिन दूसरी पर आउट हो गए। अब 3 गेंदों पर 8 रन की दरकार थी, तभी मिलर ने छक्का मारकर जीत सुनिश्चित कर दी थी। अब 2 गेंदों में मात्र 2 रनों की जरूरत थी। अगली गेंद पर मिलर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में चूक गए, लेकिन वहां सिंगल लेने का मौका (Missed Run Opportunity) था। मिलर ने रन नहीं लिया, जो मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अगर वह रन ले लेते तो स्कोर बराबर हो जाता। आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में गेंद बल्ले पर नहीं आई और कुलदीप यादव रन आउट हो गए। दिल्ली यह मैच 1 रन से हार गई।
कप्तान अक्षर पटेल का खेल भावना भरा अंदाज
मैच खत्म होते ही डेविड मिलर अपनी गलती के अहसास से टूट चुके थे। वे मैदान पर ही मायूस होकर बैठ गए। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल (Captain Axar Patel’s Sportsmanship) ने दिल जीतने वाला काम किया। अक्षर, मिलर के पास पहुंचे, उन्हें गले लगाया और काफी देर तक समझाते रहे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अक्षर यह कहते नजर आ रहे हैं कि हार की जिम्मेदारी खुद पर न लें क्योंकि उन्होंने बेहतरीन लड़ाई लड़ी थी। खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता के बीच इस भाईचारे ने फैंस का दिल जीत लिया है।
यह मैच हमें याद दिलाता है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, जहाँ एक गेंद और एक सेकंड का फैसला पूरे इतिहास को बदल सकता है। दिल्ली के लिए यह हार भले ही कड़वी हो, लेकिन मिलर की फाइट और अक्षर की खेल भावना ने इसे यादगार बना दिया।










