Odisha Cyclone Alert : चक्रवात अर्नब का खौफ! ओडिशा में 313 टीमें तैनात, 2037 आश्रय स्थल तैयार

चक्रवात अर्नब ने ओडिशा में खतरे की घंटी बजा दी है। 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे हवा के झोंकों के बीच 313 राहत टीमें तैनात हैं। छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। आखिर तूफान का अगला असर किन इलाकों पर पड़ेगा? प्रशासन अलर्ट है।

Odisha Cyclone Alert

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 28, 2026

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Odisha Cyclone Alert :  चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। राज्य प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य चक्रवात के दौरान जनहानि को शून्य रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए 313 राहत एवं बचाव टीमों को तैनात किया गया है, जबकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 2,037 आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

आपातकालीन केंद्र में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को भुवनेश्वर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में चक्रवात की मौजूदा स्थिति, संभावित दिशा और दक्षिणी ओडिशा के जिलों पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया गया। मंत्री ने कहा कि चक्रवात के ओडिशा की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और परिस्थितियों के अनुसार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

313 राहत एवं बचाव टीमें मोर्चे पर तैनात

सरकार की ओर से तैनात 313 टीमों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 60 टीमें, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की नौ टीमें और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल हैं। इन टीमों को आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में मदद करने के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन ने अधिक जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की भी जानकारी दी है। सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं के तट पर लौटने की सूचना है।

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जनहानि रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट

मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, अब तक चक्रवात के कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। संभावित भूस्खलन और अन्य खतरों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जोखिम वाले कुछ मार्गों पर आवाजाही भी बंद की गई है, ताकि लोगों को खतरे से बचाया जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और आवश्यक सेवाओं को तैयार रखना है।

145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही हवा की रफ्तार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने बताया कि चक्रवात के केंद्र के आसपास हवा की गति 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की जा रही थी। वहीं, हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं का प्रभाव अगले दो से तीन घंटे तक बने रहने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की उम्मीद थी।

छह जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की। इन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की भी आशंका जताई गई। पुरी तट के पास बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब रही और ऊंची लहरें उठती दिखाई दीं। मौसम विभाग और प्रशासन चक्रवात की दिशा तथा संभावित प्रभाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।