चन्नी की परीक्षा वाली फोटो पर विवाद, जांच की मांग के बीच NSUI ने युवाओं के लिए बताया प्रेरणादायक

चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा देने का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। 20 अगस्त को परीक्षा देने के बाद सामने आई परीक्षा हॉल की तस्वीर को लेकर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पीयू सीनेटर देवेश मोदगिल ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। मोदगिल ने पीयू चांसलर और कुलपति समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर पूछा है कि परीक्षा केंद्र के अंदर तस्वीर कैसे खींची गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वहां तक कैसे पहुंचा।

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Published On :

अगस्त 24, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा देने का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। 20 अगस्त को परीक्षा देने के बाद सामने आई परीक्षा हॉल की तस्वीर को लेकर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पीयू सीनेटर देवेश मोदगिल ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

मोदगिल ने पीयू चांसलर और कुलपति समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर पूछा है कि परीक्षा केंद्र के अंदर तस्वीर कैसे खींची गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वहां तक कैसे पहुंचा। उन्होंने 20 अगस्त की परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि चन्नी को परीक्षा में बैठने के लिए कोई विशेष अनुमति दी गई थी या नहीं। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। विश्वविद्यालय की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

बचाव में उतरी NSUI
उधर, पंजाब एनएसयूआई अध्यक्ष ईशरप्रीत सिंह ने चन्नी का बचाव करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने परीक्षा देकर कोई गलत काम नहीं किया। उनके मुताबिक, चन्नी का परीक्षा देना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को गोल्डन चांस और री-अपीयर जैसी सुविधाएं मिलती रही हैं।

परीक्षा के कारण दिल्ली में बैठक से रहे थे दूर
चन्नी ने 20 अगस्त को परीक्षा देने के कारण दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने कहा था कि परीक्षा छूटने पर उनकी एमए की डिग्री एक साल और लंबित हो जाती। चन्नी के मुताबिक, उन्होंने पार्टी हाईकमान से पहले ही बैठक में अनुपस्थित रहने की अनुमति ले ली थी। चन्नी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और पहले पंजाब यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके हैं। परीक्षा विवाद के बीच अब सबसे बड़ा सवाल परीक्षा केंद्र में तस्वीर बनने और परीक्षा नियमों के समान रूप से पालन का है। इस मामले में पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति की ओर से पूरे मामले में जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।

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