मंदिर गेट पर विवादित पोस्टर से हड़कंप, दमोह में ‘एंट्री बैन’ और लव जिहाद को लेकर चेतावनी

दमोह शहर के बड़ी देवी मंदिर गेट के बाहर चैत्र नवरात्रि पर्व पर हिंदू संगठन द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें विधर्मियों का प्रवेश निषेध लिखा है। इसके अलावा अंदर टीन शेड पर भी लव जिहाद जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। मंदिर के मुख्य गेट पर लगाए गए यह पोस्टर इस समय चर्चा का विषय बन गए हैं। हिंदू संगठन की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में महिलाओं से पारंपरिक परिधान में मंदिर आने की अपील की गई है। विशेष समुदाय के युवकों पर छेड़छाड़ के आरोप हिंदू संगठन के नित्या प्यासी ने बताया

Wrriten By :

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Published On :

मार्च 26, 2026

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दमोह

शहर के बड़ी देवी मंदिर गेट के बाहर चैत्र नवरात्रि पर्व पर हिंदू संगठन द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें विधर्मियों का प्रवेश निषेध लिखा है। इसके अलावा अंदर टीन शेड पर भी लव जिहाद जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। मंदिर के मुख्य गेट पर लगाए गए यह पोस्टर इस समय चर्चा का विषय बन गए हैं। हिंदू संगठन की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में महिलाओं से पारंपरिक परिधान में मंदिर आने की अपील की गई है।
विशेष समुदाय के युवकों पर छेड़छाड़ के आरोप

हिंदू संगठन के नित्या प्यासी ने बताया कि बड़ी देवी मंदिर धार्मिक क्षेत्र है, वह घूमने वाला क्षेत्र नहीं है। जिन लोगों की आस्था हिंदू धर्म और सनातन धर्म में नहीं है, उन्हीं को लेकर हमने यह पोस्टर लगाए हैं। उसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि विधर्मियों का प्रवेश निषेध है; माताएं-बहनें पारंपरिक सांस्कृतिक परिधान में ही माता की आराधना करें। उन्होंने आगे बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि मंदिर में विशेष समुदाय के युवक यहां घूमते दिखाई दिए हैं और कई बार इन लोगों के द्वारा छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी की गई हैं। हमने कार्रवाई करते हुए पुलिस को इन्हें सौंपा है।

'प्रशासन बाद में पहुंचेगा, हम अपने हिसाब से कार्रवाई करेंगे'

नित्या प्यासी ने आगे कहा कि जब आपकी आस्था हिंदू और सनातन धर्म में नहीं है तो बड़ी देवी मंदिर में क्यों जाना? वहां हमारी माताएं, बहनें मां की आराधना करती हैं, 9 दिन का उपवास करती हैं, तो वहां समुदाय विशेष के युवक को नहीं जाना चाहिए। यह लोग लव जिहाद की घटना के तहत ही यहाँ आते हैं और षड्यंत्र रचते हैं। लव जिहाद फैलाने के उद्देश्य से जो भी व्यक्ति हमें दोबारा मिलता है, तो अब हमारा कहना है कि प्रशासन तो बाद में पहुँचेगा, हम पहले ही अपने हिसाब से कार्रवाई करेंगे।
कड़ी कार्रवाई का अल्टीमेटम, 'हाथ में डंडा है और इलाज भी जानते हैं'

हमारा स्पष्ट रूप से कहना है कि यदि हमारे धार्मिक स्थान पर जाना है तो अपनी माता और बहनों को भी साथ लेकर जाइए, हम आपका फूल-मालाओं से स्वागत करेंगे। यदि आप लव जिहाद के उद्देश्य से जाएंगे तो हमारे हाथ में डंडा है और उसमें झंडा लगा रहता है। हम इसका इलाज भी जानते हैं; यदि मंदिर क्षेत्र में माता, बहनों के साथ छेड़छाड़ या लव जिहाद जैसी हरकत की गई तो इसका बहुत बड़ा नुकसान ऐसे लोगों को भुगतना होगा।

 

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