कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, मुक्तसर में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का दावा

गिद्दड़बाहा. निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि

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Published On :

मई 29, 2026

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गिद्दड़बाहा.

निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन जिन मतदाताओं ने अंगूठे का निशान लगाकर मतदान किया था, उनकी एक भी वोट मतगणना में दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि ऐसे मतों के गायब होने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना के दौरान ऐसे मतपत्रों को भी शामिल किया गया जिन पर न तो किसी अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही आवश्यक क्रम संख्या अंकित थी। पार्टी का दावा है कि जाली हस्ताक्षरों वाले मतपत्रों की गिनती कर चुनावी धांधली को अंजाम दिया गया है।

मतगणना केंद्र के बाहर बैठे कांग्रेसी
इन आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित वार्डों की दोबारा मतगणना कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्मतगणना नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर मौजूद नेताओं ने कहा कि बिना हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाले मतपत्रों को वैध मानकर गिनना चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

वीडियोग्राफी की समीक्षा की मांग
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कथित रूप से गायब मतों की जांच कराई जाए और पूरे मामले की वीडियोग्राफी की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि यह आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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