Giorgia Meloni PM Modi Meet: देश की राजनीति में इन दिनों “Melodi” एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सोशल मीडिया पर दोनों वैश्विक नेताओं की कूटनीतिक गर्मजोशी और मेलोडी टॉफी गिफ्ट करने का वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है, तो दूसरी तरफ प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस इसे लेकर लगातार हमलावर है। इस विवाद की शुरुआत तब और दिलचस्प हो गई जब कांग्रेस की केरल इकाई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से सीधा और व्यंग्यात्मक सवाल दाग दिया कि “Melody इतनी chocolaty क्यों है?” इसके बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस बहाने केंद्र की भाजपा सरकार को देश की आर्थिक बदहाली और बेरोजगारी के मुद्दों पर बुरी तरह घेरना शुरू कर दिया है।
राहुल गांधी का तीखा तंज
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इटली दौरे के इस वायरल वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है। राहुल गांधी ने देश के मौजूदा सामाजिक संकटों का जिक्र करते हुए कहा, “आज भारत का नौजवान गहरे डिप्रेशन और अवसाद में डूब रहा है, क्योंकि नीट (NEET) जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और नियुक्तियां रद्द की जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडरों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग और गरीबों की कमर टूट चुकी है। लेकिन ऐसी विकट परिस्थितियों में भी हमारे प्रधानमंत्री विदेश में ‘Melody’ खाने और रील बनाने में व्यस्त हैं, जो जनता की समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
मल्लिकार्जुन खरगे का ‘मेलोडी बनाम मिजरी’ वार
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस कूटनीतिक मुलाकात पर कड़ा प्रहार करते हुए एक नया नैरेटिव पेश किया है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार देश के नागरिकों को केवल खोखले वादों और भाषणों की “melody” (मधुर संगीत) सुनाना चाहती है, जबकि धरातल पर देश की गरीब जनता असल में “misery” (घोर कंगाली और दुख) झेल रही है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक बेहद विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए आंकड़ों के जरिए यह साबित करने की कोशिश की कि पिछले 12 वर्षों में सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण रोजमर्रा की जरूरी चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं।
घरेलू बजट पर महंगाई की मार
मल्लिकार्जुन खरगे ने वर्ष 2014 से लेकर वर्तमान वर्ष 2026 तक के तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए देश में बेकाबू हो चुकी महंगाई का पूरा लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया, “साल 2014 में जिस घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत महज ₹414 थी, वह आज (2026 में) बढ़कर ₹915.5 तक पहुंच गई है, जो कि सीधे तौर पर 121% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी है।” इसके साथ ही उन्होंने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी भारी उछाल का जिक्र किया, जो ₹1,241 से बढ़कर ₹3,152 हो गया है। खरगे ने आरोप लगाया कि दूध, ब्रेड, जीवनरक्षक दवाइयां और सीएनजी (CNG) जैसी आवश्यक वस्तुएं लगातार महंगी हो रही हैं, जबकि पिछले 12 सालों में सरकार ने केवल ईंधन (Fuel) पर भारी-भरकम टैक्स लगाकर जनता की जेब से करीब ₹43 लाख करोड़ लूटे हैं।
रोजगार के मोर्चे पर भी मोदी सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष ने देश के सबसे बड़े मुद्दे यानी रोजगार के मोर्चे पर भी मोदी सरकार को बुरी तरह कटघरे में खड़ा किया। सरकारी आंकड़ों और स्वतंत्र आर्थिक समीक्षाओं का हवाला देते हुए खरगे ने दावा किया कि 15 से 29 वर्ष के कामकाजी युवाओं के बीच बेरोजगारी की दर मार्च 2026 में बढ़कर 15.2% के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले 9 महीनों में सबसे उच्चतम स्तर पर है, जो यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे में पूरी तरह विफल रही है। युवाओं के पास न तो नई नौकरियां हैं और न ही स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर बचे हैं।
90 सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक
कांग्रेस चीफ ने पेपर लीक घोटालों पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के 10 वर्षों के शासनकाल में देश में लगभग 90 प्रमुख सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे देश के करीब 9 करोड़ होनहार छात्र-छात्राओं का भविष्य पूरी तरह अंधकार में लटक गया है। इसके अलावा देश की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए खरगे ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सबसे निचले ऐतिहासिक स्तर (करीब 96.90) पर आ गिरा है। वहीं, मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के भू-राजनीतिक तनाव के कारण पिछले दो महीनों में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) भी करीब 38 अरब डॉलर घट गया है। विदेशी निवेशकों (FPIs) ने साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 2.2 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम पूंजी निकाल ली है, जो साल 2025 के 1.66 लाख करोड़ के आंकड़े से भी कहीं अधिक है।










