ट्रेन दुर्घटना में टिकट नहीं मिला तो भी मिलेगा मुआवजा! झारखंड हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया अधिकार

 रांची  हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने कहा कि ट्रेन दुर्घटना में किसी यात्री की मौत होने पर उसके शव से रेलवे टिकट नहीं मिलने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने रेलवे को बनमाली गोप के स्वजनों को आठ लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि मुआवजे से जुड़े नियमों को उदारता से समझना चाहिए, ताकि दुर्घटना के शिकार परिवारों को न्याय मिल सके। केवल तकनीकी कारणों से किसी परिवार को मुआवजे से वंचित करना उचित नहीं है। अदालत ने रेलवे दावा अधिकरण के उस

Wrriten By :

Editor

Published On :

अक्टूबर 28, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

 रांची

 हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने कहा कि ट्रेन दुर्घटना में किसी यात्री की मौत होने पर उसके शव से रेलवे टिकट नहीं मिलने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने रेलवे को बनमाली गोप के स्वजनों को आठ लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

अदालत ने कहा कि मुआवजे से जुड़े नियमों को उदारता से समझना चाहिए, ताकि दुर्घटना के शिकार परिवारों को न्याय मिल सके। केवल तकनीकी कारणों से किसी परिवार को मुआवजे से वंचित करना उचित नहीं है।

अदालत ने रेलवे दावा अधिकरण के उस फैसले को निरस्त कर दिया, जिसमें टिकट नहीं मिलने के कारण मुआवजे का दावा खारिज कर दिया गया था। मामला बनमाली गोप की मौत से जुड़ा है।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

उनके स्वजनों ने आठ लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी, लेकिन अधिकरण ने 12 सितंबर 2023 को दावा खारिज कर दिया था। इसके बाद स्वजनों ने हाई कोर्ट में अपील की।

भीड़ में धक्का लगने से ट्रेन से गिरे थे बनमाली

स्वजनों के अनुसार, एक सितंबर 2017 को बनमाली गोप पलामू के झींकपानी रेलवे स्टेशन से टाटा-बड़बिल पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए थे। उन्हें केंदपोसी जाना था। ट्रेन में काफी भीड़ थी और वह खड़े होकर यात्रा कर रहे थे।