पंजाब में यात्री परेशान, कर्मचारियों की हड़ताल से दोपहर बाद बंद हुईं सरकारी बस सेवाएं

चंडीगढ़  सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आज बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यूनियन के आह्वान पर बुधवार दोपहर 12 बजे से बस सेवाओं को प्रभावित करते हुए प्रदेशभर में रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि हड़ताल में करीब आठ हजार कर्मचारी शामिल हैं। इसके चलते प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत सरकारी बस रूट प्रभावित हुआ है। ऐसे में यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले

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Published On :

जून 10, 2026

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चंडीगढ़ 

सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आज बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यूनियन के आह्वान पर बुधवार दोपहर 12 बजे से बस सेवाओं को प्रभावित करते हुए प्रदेशभर में रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

कर्मचारी संगठनों का दावा है कि हड़ताल में करीब आठ हजार कर्मचारी शामिल हैं। इसके चलते प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत सरकारी बस रूट प्रभावित हुआ है। ऐसे में यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले बसों की उपलब्धता की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के वरिष्ठ उपप्रधान हरकेश कुमार विक्की ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही।

निजीकरण का हो रहा विरोध
उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों का लगातार निजीकरण किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजने जैसी कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

बसों की पर्याप्त खरीद नहीं हुई
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि पिछले चार वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परिवहन विभाग में नई सरकारी बसों की पर्याप्त खरीद नहीं की गई। साथ ही लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। इन मुद्दों को लेकर कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। आंदोलन के अगले चरण में 11 जून को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर धरना देने की भी घोषणा की गई है।

लोग हो रहे परेशान
हड़ताल के कारण दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है। परिवहन सेवाओं पर निर्भर हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत को लेकर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और विवाद का समाधान निकल सके।

 

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