Colombia Election: दक्षिणपंथी नेता एस्प्रीएला बने नए राष्ट्रपति, सशस्त्र समूहों से निपटना बड़ी चुनौती

कोलंबिया में अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला ने राष्ट्रपति पद संभाल लिया है और सशस्त्र समूहों के खिलाफ कड़ी नीति का संकेत दिया है। लेकिन उनके सामने चुनौती सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। क्या उनकी सख्त रणनीति देश में हिंसा रोक पाएगी, और क्या शांति वार्ता का रास्ता पूरी तरह बदल जाएगा, जानिए पूरी कहानी।

Colombia Election

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 8, 2026

Colombia Election:  दक्षिणपंथी नेता अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने शुक्रवार को कोलंबिया के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 48 वर्षीय एस्प्रीएला ने अपने चुनाव अभियान के दौरान देश में बढ़ते अपराध और सशस्त्र समूहों के प्रभाव को खत्म करने का वादा किया था। उन्होंने सरकारी खर्च में करीब 40 प्रतिशत तक कटौती करने और तेल एवं गैस उद्योग को नई दिशा देने की बात भी कही थी। उनके शपथ ग्रहण समारोह ने भी खासा ध्यान खींचा, क्योंकि उन्होंने पारंपरिक राजधानी बोगोटा के बजाय काली शहर को चुना।

काली में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

एस्प्रीएला का शपथ ग्रहण काली शहर में आयोजित किया गया, जो लंबे समय तक सरकार और विभिन्न सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। समारोह के लिए काली को चुनना उनके राजनीतिक संदेश का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार देश के उन इलाकों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगी, जहां लंबे समय से हिंसा और संगठित अपराध की समस्या बनी हुई है।

सशस्त्र संगठनों के खिलाफ अपनाएंगे कड़ा रुख

नए राष्ट्रपति ने अपने भाषण में स्पष्ट संकेत दिया कि सशस्त्र समूहों को लेकर उनकी नीति पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो से काफी अलग होगी। चुनाव प्रचार के दौरान भी एस्प्रीएला ने पेत्रो की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्हें विफल बताया था। उन्होंने कहा कि अब देश में व्यवस्था, अधिकार और स्वतंत्रता को बहाल करने का समय आ गया है और सरकार अपराध तथा हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगी।

जेल निर्माण और सेना के इस्तेमाल की घोषणा

एस्प्रीएला ने अपने उद्घाटन भाषण में अपराध से निपटने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाने का ऐलान किया। उन्होंने विशाल जेलों के निर्माण, आपराधिक संगठनों के खिलाफ सेना के इस्तेमाल और कोका की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए खरपतवारनाशकों के इस्तेमाल की बात कही। उनका कहना है कि उनकी योजनाओं का उद्देश्य देश में कानून का शासन मजबूत करना और आम नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है।

अपराधी संगठनों को दिया आत्मसमर्पण का संदेश

नए राष्ट्रपति ने सशस्त्र और संगठित आपराधिक समूहों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उनके साथ बातचीत के प्रयास अब समाप्त हो चुके हैं। उनका इशारा पेत्रो सरकार के उस शांति प्रयास की ओर था, जिसके तहत विभिन्न सशस्त्र गुटों के साथ बातचीत की गई थी। एस्प्रीएला ने कहा कि अपराधी समूहों के सदस्यों के सामने अब दो विकल्प हैं—कानून के सामने आत्मसमर्पण करना या फिर कोलंबियाई राज्य की पूरी ताकत का सामना करना।

चुनाव प्रचार में ‘द टाइगर’ नाम से बनाई पहचान

चुनावी अभियान के दौरान एस्प्रीएला ने खुद को ‘द टाइगर’ के नाम से प्रचारित किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एआई से तैयार ऐसी तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें उन्हें नुकीले दांतों वाले बाघ के रूप में दिखाया गया था। इस छवि के जरिए उन्होंने खुद को अपराध, हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाले नेता के तौर पर पेश किया। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने ‘टाइगर के युग’ में अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का वादा दोहराया।

बोगोटा के संपन्न परिवार में हुआ जन्म

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला का जन्म 1978 में बोगोटा के एक संपन्न परिवार में हुआ था। बचपन में ही उनका परिवार कॉर्डोबा चला गया, जहां उन्होंने अपना शुरुआती जीवन बिताया। उनका परिवार राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों से संबंधों को महत्व देता था। उनके पिता अबेलार्डो सीनियर ने 2001-02 के दौरान कॉर्डोबा में अल्वारो उरीबे के क्षेत्रीय चुनाव अभियान का प्रबंधन भी किया था।

उरीबे से पारिवारिक राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र

एस्प्रीएला की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते समय उनके परिवार के पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरीबे से संबंधों का भी उल्लेख किया जाता है। उरीबे के शासनकाल को लेकर कोलंबिया में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक विवाद रहे हैं। उनके प्रशासन पर कठोर सुरक्षा नीतियों और नागरिक समाज से जुड़े संगठनों पर दबाव के आरोप लगते रहे। ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच एस्प्रीएला का सत्ता में आना कोलंबिया की दिशा में संभावित बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

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