Valmiki Jayanti 2026: बिठूर के वाल्मीकि आश्रम पहुंचे CM योगी, पूजा-अर्चना कर किया नमन; विकास कार्यों की दी सौगात

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर के बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम पहुंचे। उन्होंने प्राचीन शिवलिंग की पूजा की, सीता कुटिया और पीलू के वृक्ष के दर्शन किए। गुरुकुल के सात बटुकों ने वैदिक मंत्रों से उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नानाराव पेशवा पार्क में जनसभा के दौरान विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

Valmiki Jayanti 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 26, 2026

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Valmiki Jayanti 2026: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को कानपुर के बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। इस दौरान आश्रम में धार्मिक माहौल देखने को मिला। पूजा के बाद मुख्यमंत्री नानाराव पेशवा पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और क्षेत्र के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

CM योगी आदित्यनाथ ने बिठूर के वाल्मीकि आश्रम में की पूजा

महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान दो महंतों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन संपन्न कराया। आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं और गुरुकुल के विद्यार्थियों ने भी धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए उनके योगदान और रामायण परंपरा से जुड़े इस पवित्र स्थल के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ मुख्यमंत्री योगी का स्वागत

मुख्यमंत्री के आश्रम पहुंचने पर लव-कुश आश्रम स्थित गुरुकुल के सात बटुकों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर उनका स्वागत किया। मंत्रोच्चार से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय हो गया। धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच मुख्यमंत्री ने आश्रम में मौजूद प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बिठूर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

प्राचीन शिवलिंग की पूजा कर सीता कुटिया में किए दर्शन

वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राचीन शिवलिंग की पूजा की। धार्मिक मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि इस शिवलिंग की आराधना किया करते थे। इसके बाद मुख्यमंत्री सीता कुटिया पहुंचे और वहां दर्शन किए। बिठूर स्थित यह आश्रम माता सीता, महर्षि वाल्मीकि और लव-कुश से जुड़े प्रसंगों के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

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महर्षि वाल्मीकि आश्रम के प्राचीन पीलू वृक्ष के भी किए दर्शन

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में स्थित प्राचीन पीलू के वृक्ष के भी दर्शन किए। इस वृक्ष को लेकर स्थानीय धार्मिक परंपराओं में कई मान्यताएं प्रचलित हैं। माना जाता है कि महर्षि वाल्मीकि इस वृक्ष के नीचे बैठकर जाप और तपस्या किया करते थे। इसी वजह से यह वृक्ष आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र माना जाता है। मुख्यमंत्री के दौरे में इस प्राचीन वृक्ष के दर्शन भी शामिल रहे।

रामायण की रचना और लव-कुश के जन्म से जुड़ा है बिठूर

कानपुर के बिठूर में स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम का रामायण परंपरा में खास स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि ने इसी तपोभूमि में रामायण की रचना की थी। मान्यता यह भी है कि वनवास के दौरान माता सीता ने यहां आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी स्थान से जुड़ा है। इन धार्मिक प्रसंगों के कारण बिठूर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है।

नानाराव पेशवा पार्क में जनसभा, विकास कार्यों की दी सौगात

वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नानाराव पेशवा पार्क पहुंचे। यहां आयोजित जनसभा में उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय विकास से भी जुड़ा रहा। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के जरिए बिठूर की धार्मिक विरासत और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को प्रमुखता मिली।

महर्षि वाल्मीकि आश्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूजा-अर्चना और नानाराव पेशवा पार्क में आयोजित जनसभा के साथ जयंती कार्यक्रम में धार्मिक परंपरा और विकास, दोनों पहलू सामने आए। बिठूर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के कारण यह आयोजन क्षेत्र में विशेष महत्व रखता है।