UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को वीरता पदक देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में यूपी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
यूपी पुलिस वीरता पदक समारोह

बताते चले कि, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में चार अपराधी मारे गए थे, जबकि कर्तव्य निभाते हुए निरीक्षक सुनील कुमार वीरगति को प्राप्त हुए।
कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद सुनील कुमार को सीएम योगी ने किया नमन
इसी कड़ी में आगे, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है कि प्रदेश के एक पुलिस जवान को पहली बार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिए जाने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने उनके बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कानून व्यवस्था पर बोले सीएम योगी

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति चाहे कितने भी बड़े पद पर क्यों न हो, सुरक्षा के बिना वह पूरी तरह निश्चिंत नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश की जनता के बीच सुरक्षा का एहसास मजबूत किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के भीतर कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा कायम करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सीएम योगी ने 2017 से पहले के हालात का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के कानून व्यवस्था संबंधी हालात का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश में व्यापक स्तर पर दंगे होते थे और कई इलाकों में अपराधियों का प्रभाव था। मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय तक चला था। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में माफिया समानांतर व्यवस्था चलाने की स्थिति में थे।
जीरो टॉलरेंस नीति: माफिया और अपराधियों पर कार्रवाई जारी रखने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने माफिया और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और आगे भी यह नीति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कानून के शासन को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने से उत्तर प्रदेश की पहचान में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और कानून व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
87 इंटरसेप्टर वाहन: यूपी पुलिस की तकनीकी क्षमता को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित 87 इंटरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया। इन वाहनों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन की निगरानी के लिए पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती से तेज गति और यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी में पुलिस को अतिरिक्त तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है।
पूर्व DGP प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा और उसके अनुभवों से जुड़े साहित्यिक एवं प्रशासनिक योगदान को भी रेखांकित किया।
वीरता पदक 2025: इन पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदक प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों में देवदत्त सिंह, राजन कुमार, रितुल कुमार वर्मा, आईपीएस निपुण अग्रवाल, स्वतंत्र कुमार सिंह, मुन्ने सिंह, नीरज कुमार पाल, आईपीएस अशोक कुमार मीणा, कुलदीप कुमार, गीतेश कपिल, प्रवीण अहलावत, अमित, अंगद सिंह यादव, डॉ. दीक्षा शर्मा, संदीप कुमार और रिपुदमन सिंह शामिल रहे।
वीरता पदक 2026: पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मान
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित वीरता पदक प्राप्त करने वालों में धर्मेंद्र सिंह राठौर, केशव शांडिल्य, राहुल कुमार, अजय कुमार वर्मा, घनश्याम यादव, अवनीश कुमार त्यागी, अमित त्रिपाठी, अमित, मनीष बिष्ट और रणधीर सिंह शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने इन पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सम्मानित किया।
सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से लैस वाहनों की शुरुआत और पुलिस सेवा से जुड़े अनुभवों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुलिस के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। कार्यक्रम का केंद्रबिंदु पुलिसकर्मियों का सम्मान और प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास रहे।










